26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UGC को दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस, अदालत ने सख्ती से मांगा जवाब…छात्रा की मौत मामले पर भड़कें जज

Delhi High Court : दिल्ली राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की छात्रा की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि ऐसी घटना से हम चिंतित हैं। किसी माता-पिता ने अपनी बेटी खोई है। ऐसी घटनाओं को कतई हल्के में लेने की […]

2 min read
Google source verification
Delhi High Court issues notice to UGC seeks response

Delhi High Court :दिल्ली राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की छात्रा की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि ऐसी घटना से हम चिंतित हैं। किसी माता-पिता ने अपनी बेटी खोई है। ऐसी घटनाओं को कतई हल्के में लेने की जरूरत नहीं है। यह ऐसा मुद्दा है जिस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। फिलहाल इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख 17 फरवरी तय की गई है।

आपको बता दें कि छात्रा की मौत मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव व न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ कर रही थी। इस दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि वर्ष 2025 में एमिटी विश्वविद्यालय के छात्र सुशांत रोहिल्ला की आत्महत्या से जुड़े मामले में दिया गया फैसला भी मौजूदा केस से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को निर्देश दिया कि वह ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी पेश करे। वही, सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि सुशांत के मामले में इस अदालत ने पहले ही फैसला सुना दिया है और उस फैसले में इन मुद्दों पर कुछ हद तक विचार किया जा चुका है। अब अदालत मौजूदा मामले को देखते हुए आगे के जरूरी कदमों पर विचार करेगी।

जानिए कैसे हुई थी छात्रा की मौत

आपको बता दें कि यह मामला साल 2024 के सितंबर का है। एनएलयू दिल्ली में कुछ ही हफ्तों के अंतराल पर तीन छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं सामने आई थीं। इन्हीं में से एक छात्रा के परिवार ने अब अदालत में याचिका दाखिल की है। परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजशेखर राव ने अदालत को बताया कि वे विश्वविद्यालय से यह जानना चाहते हैं कि ऐसी कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिनकी वजह से उनकी बेटी ने यह कदम उठाया।

यूनिवर्सिटी पर खड़े हुए सवाल

राजशेखर राव ने अदालत को बताया कि माता-पिता इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते, लेकिन अब तक उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई है कि यूनिवर्सिटी ने यह समझने के लिए क्या कदम उठाए कि उनकी बेटी की मौत उसकी निगरानी में कैसे हुई। परिवार यह भी जानना चाहता है कि इस घटना को लेकर विश्वविद्यालय का कोई आधिकारिक पक्ष या निष्कर्ष है या नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रा के परिवार की इच्छा है कि हॉस्टल का कमरा खाली करने से पहले उनके सवालों का जवाब मिले। साथ ही यह भी बताया गया कि अब तक स्वजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र भी नहीं सौंपा गया है।