10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंटरनेट और गूगल ने दिया धोखा! मुंबई में रास्ता भटकी विदेशी टूरिस्ट कोलाबा में फंसी, फिर रैपिडो राइडर ने…

foreign female इंटरनेट और मैप बंद होने पर विदेशी महिला बीच पर काफी दूर निकल गई। जब उसे अहसास हुआ कि रास्ता भटक गई है तो डर गई।

2 min read
Google source verification
foreign female Internet and Google down bike rider guides lost foreign tourist in Mumbai

मदद के बाद राइडर भारतीय महिला को गले मिलकर धन्यवाद देती विदेशी सैलानी

foreign female मुंबई जैसे महानगर में जहां रफ्तार थमती नहीं, वहीं इंसानियत की एक छोटी-सी मिसाल ने ‘अतिथि देवो भव’ की भावना को फिर से जीवंत कर दिया। यह घटना कोलाबा इलाके की है, जहां एक विदेशी महिला पर्यटक रात के समय रास्ता भटक गई। महिला के फोन में इंटरनेट और गूगल मैप बंद हो गया। महिला अंदाजे से चलते-चलते काफी दूर निकल गई और जब उसे इस बात का अहसास हुआ कि वह रास्ता भटक गई तो घरबाकर कोलाबा में एक बीच के पास मदद के अभाव में रोने लगी। यहां पहुंची एक रैपिडो राइडर ने इस महिला को भरोसा दिलाया कि वह सुरक्षित हैं और भारतीय अपने मेहमानों का पूरा धयान रखते हैं। इसके बाद राइडर ने इस महिला को उसके होटल पर ड्रॉप किया तब जाकर इस सैलानी महिला के चेहरे पर मुस्कान लौटी।

इस तरह रास्ता भटकी महिला

बाद में पता चला कि, विदेशी महिला पर्यटक समुद्र किनारे टहलते-टहलते काफी दूर तक निकल गई थी। घूमते-घूमते वह कोलाबा बीच तक पहुंच गई लेकिन वापसी के समय उसे रास्ते का अंदाजा नहीं रहा। परेशानी उस समय और बढ़ गई जब उसके मोबाइल फोन में न तो इंटरनेट चल रहा था और न ही गूगल मैप। रात करीब 10 बजे अनजान शहर में भाषा की दिक्कत को देखते हुए महिला खुद को असहाय समझकर रोने लगी। इसी दौरान यहां से जा रही एक रैपीडो बाइक राइडर सिंधु कुमारी ने विदेशी महिला को रोते देखा तो बिना देर किए बाइक रोकी और कारण पूछा। बातचीत में महिला ने बताया कि वह होटल कोकोनट में ठहरी है, लेकिन उसे होटल का रास्ता याद नहीं आ रहा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सिंधु कुमारी ने इंसानियत की मिसाल पेश की। विदेशी पर्यटक ने महिला को भरोसा दिलाया कि डरने की आवश्यकता नहीं है। वह सुरक्षित हैं और बिना गूगल के भी उन्हे होटल तक पहुंचाया जा सकता है। इसके बाद राइडर महिला ने विदेशी महिला को बाइक पर बैठाया और सुरक्षित तरीके से उसे उसके होटल तक छोड़कर आई।

foreign female के चेहरे पर ऐसे लौटी मुस्कान

अनजान देश में मिली इस मदद ने महिला के चेहरे पर राहत और खुशी की मुस्कान लौटा दी। अब रोने के बाद हंसते हुए इस महिला का एक शॉर्ट वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। होटल पहुंचते समय विदेशी महिला के चेहरे पर जो सुकून और आभार था, वह इस बात का प्रमाण था कि मानवता भाषा, देश और सीमाओं से ऊपर होती है। यह घटना न केवल मुंबई की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिखाती है कि छोटी-सी मदद किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है। मशहूर शायर डॉक्टर देवबंदी की ये पंक्तियां भी इस मौके पर याद आती है जिसमें उन्होंने लिखा है कि, '' घर से मंदिर है बहुत दूर, चलों यूं करते हैं, किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाए''