
Lakhpati Bitiya Scheme in Delhi: दिल्ली की भाजपा सरकार ने बेटियों के लिए नई लखपति बिटिया योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी, जिसके साथ ही साल 2008 से लागू लाडली योजना पर रोक लगा दी गई है। नई योजना के तहत ग्रेजुएशन पूरी करने पर बेटियों को एकमुश्त एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इससे पहले महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में महिलाओं के लिए मासिक या वार्षिक सहायता वाली योजनाएं लागू की जा चुकी हैं, जबकि दिल्ली में भाजपा सरकार ने बेटियों को सीधे एकमुश्त राशि देकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की पहल की है।
आपको बता दें कि 31 मार्च तक लाडली योजना बंद कर दी जाएगी और इसके स्थान पर दिल्ली लखपति बिटिया योजना लागू होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हर परिवार की दो बेटियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। दिल्ली में जन्म लेने वाली हर बच्ची को इस योजना से जोड़ा जाएगा और ग्रेजुएशन पूरा होने पर न्यूनतम एक लाख रुपये दिए जाएंगे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 31 मार्च तक लाडली योजना बंद कर दी जाएगी और इसकी जगह लखपति बिटिया योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर परिवार की दो बेटियों को योजना का लाभ मिलेगा और ग्रेजुएशन पूरा होने पर न्यूनतम एक लाख रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखपति बिटिया योजना के तहत दिल्ली की निवासी प्रत्येक परिवार की दो बेटियों को लाभ दिया जाएगा। प्रत्येक चरण में 20-20 हजार रुपये की राशि बढ़ाई जाएगी। पहले कुल राशि 36 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 56 हजार रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद नहीं, बल्कि ग्रेजुएशन पूरा करने पर मैच्योरिटी दी जाएगी और उस समय न्यूनतम एक लाख रुपये मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना का लाभ पाने के लिए बच्ची का टीकाकरण अनिवार्य होगा और उसे मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ना होगा। यदि 18 साल की आयु से पहले विवाह किया जाता है, तो योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना की अनुमानित लागत 160 करोड़ रुपये है, और आवश्यकता पड़ने पर सरकार फंड बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि लाडली योजना साल 2008 में शुरू की गई थी, जिसमें बच्चियों को अलग-अलग चरणों में राशि दी जाती थी। जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपये बैंक में अनक्लेम्ड पड़े थे और लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाए। करीब 1.86 लाख बेटियों को योजना का लाभ नहीं मिला। सरकार ने एक साल में लगभग 30 हजार बेटियों को खोजकर 90 करोड़ रुपये दिए। अब 41 हजार और बेटियां चिन्हित की गई हैं, जिन्हें लगभग 100 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी।
Published on:
10 Feb 2026 07:01 pm
