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प्रतिस्पर्धा से व्यक्ति को मिलता है अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का पाठ-दत्ता

संसद भवन में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान नई दिल्ली। राजस्थान कुश्ती संघ के अध्यक्ष व लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता ने कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं। जो व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक सुदृढ़ता और सकारात्मक सोच का भी विकास करते हैं। प्रतिस्पर्धा व्यक्ति को अनुशासन, समय-प्रबंधन, […]

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संसद भवन में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान

नई दिल्ली। राजस्थान कुश्ती संघ के अध्यक्ष व लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता ने कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं। जो व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक सुदृढ़ता और सकारात्मक सोच का भी विकास करते हैं। प्रतिस्पर्धा व्यक्ति को अनुशासन, समय-प्रबंधन, धैर्य और नेतृत्व क्षमता का पाठ पढ़ाती है।

दत्ता ने यह बातें लोकसभा सचिवालय की ओर से आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं एवं एथलेटिक मीट के विजेताओं के सम्मान समारोह में कही। यह कार्यक्रम संसद भवन एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में आयोजित हुआ। इस अवसर पर दत्ता ने कहा कि काम दायित्वों के साथ-साथ खेलों में सक्रिय भागीदारी सराहनीय है और यह संतुलित जीवनशैली का प्रतीक है। खेलों से टीम भावना, आपसी सहयोग और सौहार्द की भावना मजबूत होती है, जिससे कार्यस्थल पर भी समन्वय और कार्यकुशलता बढ़ती है।

उन्होंने युवा कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रेरित करते हुए कहा कि वे खेल गतिविधियों में निरंतर भाग लें, क्योंकि इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस प्रकार की प्रतियोगिताएं अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित की जाएंगी, जिससे अधिक से अधिक प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

लोकसभा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार ने दत्ता हमेशा सदैव कर्मचारियों के साथ खड़े रहते हैं और उनकी समस्याओं एवं हितों के प्रति संवेदनशील रहते हैं। समारोह में लोकसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।