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दिल्ली में AAP नेता रचना यादव मर्डर केस में बड़ा खुलासा, नवंबर से चल रही थी प्लानिंग, एक गलती बनी हत्या की वजह

AAP leader Rachna Yadav murder case: आम आदमी पार्टी की नेता रचना यादव की हत्या की साजिश बिहार में रची गई थी। 5 लाख रुपये की सुपारी लेकर आरोपी ने 10 जनवरी को दिल्ली में बेहद करीब से गोली मारकर हत्या कर दी।

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Big revelation in AAP leader Rachna Yadav murder case in Delhi

AAP leader Rachna Yadav murder case: आम आदमी पार्टी की नेता रचना यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। दरअसल, रचना यादव की दिल्ली में हत्या की पटकथा बिहार में लिखी गई थी। हत्यारे को पूरे 5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। ‘आप’ नेता की हत्या 10 जनवरी को हुई थी, लेकिन उनकी हत्या की साजिश नवंबर महीने से ही रची जा रही थी। हत्यारे ने वारदात से एक दिन पहले पूरे दिन रेकी की और अगले दिन बेहद करीब से सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

इस मामले में हुई जांच में सामने आया कि आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता और शालीमार बाग आरडब्ल्यूए की सदस्य रचना यादव को मारने की साजिश बिहार में रची गई। मुख्य आरोपी भरत यादव ने इस वारदात के लिए 22 वर्षीय निखिल चावला को 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसमें से 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। पुलिस ने भरत और निखिल को बिहार के कटिहार जिले के एक जंगली इलाके से गिरफ्तार किया, जबकि निखिल के साथी सुमित कुमार को हरियाणा के पानीपत से दबोचा गया। वहीं, अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने जांंच के दौरान पाया कि जिस मोटरसाइकिल से घटना में इस्तेमाल किया गया था वह चोरी की थी। वहीं, गोली चलाने वाले युवक निखिल चावला ने सुमित कुमार को 5 हजार में बाइक चालने के लिए तैयार किया था। सुमीत का कहना है कि उसे नहीं पता था कि वह किसी की हत्या करने के लिए जा रहा है। निखिल ने सुमीत को बताया था कि वह पैसों से भरा एक बैग लेने के लिए जा रहा है।

ये थी हत्या की वजह ?

स्पेशल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) रवींद्र यादव ने बताया कि रचना यादव की हत्या की वजह पुरानी रंजिश थी। वर्ष 2023 में भलस्वा गांव में जमीन विवाद के दौरान रचना के पति बिजेंद्र यादव की हत्या हुई थी, जिसमें भरत आरोपी था और रचना उस केस की मुख्य गवाह थीं। गवाही से सजा के डर में भरत फरार चल रहा था और उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था। जांच में पुलिस ने एआई टूल्स और नेटग्रिड की मदद से संदिग्धों की पहचान की। एआई से तैयार तस्वीरों का 87 प्रतिशत से अधिक मिलान पानीपत निवासी निखिल चावला से हुआ, जबकि मोबाइल जीपीएस डेटा ने हत्या के समय उसकी मौजूदगी और बाद में कटिहार में भरत के साथ छिपे होने की पुष्टि की। बता दें कि निखिल चावला का कोई पुराना अपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, जिसकी वजह से भरत ने अपने जानने वाले के यहां काम पर रखवा दिया था। वहीं, हत्या करने के बाद भरत बिहार के कटिहार जिले में रहने लगा था।

दिल्ली के पूर्व सीएम ने कसा तंज

आम आदमी पार्टी की नेता की हत्या का खुलासा होने के बाद दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने रचना यादव के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही उन्होंने दिल्ली सरकार पर तंज कसते हुए भाजपा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया और कहा कि राजधानी की कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है।

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