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UGC पर ‘सुप्रीम’ रोक के बाद JNU में ब्राह्मण विरोधी नारों पर भारी बवाल, नारेबाजी कर रहे छात्र को…

UGC controversy: यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद जेएनयू में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। साबरमती हॉस्टल के बाहर छात्रों ने नारेबाजी की और ब्राह्मणवाद का पुतला जलाया, जबकि कुछ बैनरों पर आपत्तिजनक नारे लिखे होने की भी बात सामने आई।

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Anti Brahmin slogans raised in JNU after Supreme Court stay on UGC

UGC controversy: यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा रोक लगाने के बाद दिल्ली के JNU (वाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी) में ब्राह्मण विरोधी नारे लगाए गए। जेएनयू के साबरमती हॉस्टल के बाहर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। इसके अलावा जेएनयू के छात्रों ने यूजीसी के नए नियमों पर लगी रोक के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसमें ब्राह्मणवाद का पुतला भी जलाया गया। प्रदर्शन के दौरान “सामंती ब्राह्मणवादी दबाव के आगे झुकने से इनकार करो” और “बीजेपी सरकार की सच्चाई उजागर करो” जैसे नारे लगाए गए। वहीं, कुछ बैनरों पर आपत्तिजनक नारे भी लिखे होने की बात सामने आई।

'कई एक्ट का विरोध करते हैं '

छात्रों ने अपने भाषण में कहा कि ब्राह्मण और ब्राह्मणवादी विचारधाराओं ने पहले भी मंडल कमीशन एक्ट का विरोध किया था और इसी तरह एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ भी विरोध होता रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें किसी दबाव में नहीं आना चाहिए और इस एक्ट को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। साथ ही छात्रों ने यूजीसी के नए नियमों में कमेटी को स्वतंत्रता देने की बात भी उठाई। शाम को यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।

UCG पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों पर एक बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने जनवरी 2026 में लागू किए गए UGC Promotion of Equity Regulations, 2026 को फिलहाल रोक (Stay) लगा दी है और 2012 के पुराने नियमों को लागू रहने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि नए नियम अस्पष्ट और दुरुपयोग के लिए संवेदनशील दिखते हैं, जिससे सामाजिक विभाजन का जोखिम हो सकता है, इसलिए अगली सुनवाई तक उन्हें लागू नहीं होने दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और यूजीसी को जवाब देने के लिए नोटिस भी जारी किया है और सबूतों के आधार पर 19 मार्च 2026 को अगली सुनवाई तय की है।

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