
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo-X)
भारत जल्द ही वेनेजुएला से तेल की खरीदी शुरू कर सकता है। अमेरिका की तरफ से भी इस बात के संकेत मिले हैं। अमेरिका इस सप्लाई के जरिए भारत में रूसी तेल की आमद को पूरी तरह से बंद करने का प्लान कर रहा है। भारत ने भी अमेरिकी टैरिफ के बाद रूसी तेल के आयात में कमी लाई है। लिहाजा, ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत नए विकल्पों की तलाश भी कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च 2025 में वेनेजुएलाई तेल खरीदने पर दुनिया भर के देशों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। साथ ली, निकोलस मादुरो के खिलाफ घेराबंदी शुरू कर दी थी। उन्हें तीन जनवरी 2026 को अमेरिकी डेल्टा फोर्सेज के जवानों ने गिरफ्तार कर लिया। निकोलस पर अब अमेरिका कोर्ट में मुकदमा चलाया जा रहा है। निकोलस पर ड्रग्स कार्टेल चलाने का आरोप है।
वाशिंगटन ने नई दिल्ली से कहा कि वह रूसी सप्लाई में कमी की भरपाई अब वेनेजुएलाई तेल से कर सकता है। अमेरिका का मानना है कि रूसी तेल के कारण ही क्रेमलिन को जंग लड़ने के लिए पर्याप्त आर्थिक मदद मिल रही है। अगर इसे रोका जाए तो रूस जंग खत्म कर सकता है।
यूक्रेन पर 2022 में रूस के हमले के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों और भारी छूट के चलते भारत रूस का बड़ा तेल खरीदार बन गया था। अमेरिका में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भारतीय उत्पादों पर टैरिफ लगाए। फिर रूसी तेल खरीदने पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया। जिसके कारण अगस्त तक ये टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गए। पिछले हफ्ते पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि रूसी तेल का आयात घटाने के साथ भारत अपने कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता ला रहा है। हालांकि, उन्होंने वेनेजुएला को लेकर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला गणराज्य की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी एलोइना रोड्रिग्ज गोमेज के बीच शुक्रवार को फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-वेनेजुएला संबंधों को और मजबूत करने तथा आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर विस्तृत चर्चा की।
Updated on:
31 Jan 2026 11:04 am
Published on:
31 Jan 2026 09:25 am
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