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‘जो लोग दुख मना रहे हैं…’, खामेनेई की मौत के बाद उमर अब्दुल्ला ने दिया बड़ा बयान

Iran Supreme Leader killed: सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मैं ईरान में हो रहे घटनाक्रम को लेकर बहुत चिंतित हूं, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या भी शामिल है।

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भारत

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Ashib Khan

Mar 01, 2026

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खामेनेई की मौत पर उमर अब्दुल्ला ने दी प्रतिक्रिया (Photo-IANS)

Ayatollah Ali Khamenei death: अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद जम्मू कश्मीर में कई जगह शिया समुदाय के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी अमेरिका और इजरायल के विरोध में नारे लगा रहे हैं और वहीं ईरान का समर्थन कर रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि जो लोग दुख मना रहे हैं उन्हें शांति से दुख मनाने दिया जाए।

उन्होंने कहा कि मैं ईरान में हो रहे घटनाक्रम को लेकर बहुत चिंतित हूं, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या भी शामिल है। मैं सभी समुदायों से अपील करता हूं कि वे शांत रहें, शांति बनाए रखें और ऐसे किसी भी काम से बचें जिससे तनाव या अशांति हो।

‘पुलिस को संयम बरतना चाहिए’

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमें यह भी पक्का करना चाहिए कि जम्मू और कश्मीर में जो लोग दुख मना रहे हैं, उन्हें शांति से दुख मनाने दिया जाए। पुलिस और प्रशासन को बहुत संयम बरतना चाहिए और बल या रोक लगाने वाले तरीकों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि जम्मू और कश्मीर सरकार ईरान में अभी जम्मू और कश्मीर के रहने वालों, जिसमें छात्र भी शामिल हैं, की सुरक्षा और भलाई पक्का करने के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है।

महबूबा ने जताया दुख

जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि आज इतिहास में एक बहुत ही दुखद और शर्मनाक मोड़ आया है, जब इजरायल और अमेरिका ईरान के प्यारे नेता अयातुल्ला अली की हत्या पर शेखी बघार रहे हैं। इससे भी ज़्यादा शर्मनाक और चौंकाने वाली बात यह है कि मुस्लिम देशों ने साफ और छिपे हुए तौर पर इसका समर्थन किया, जिन्होंने जमीर के बजाय सुविधा और फायदे को चुना।

उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का सबूत होगा कि किसने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी और किसने ज़ालिमों की मदद की। ईरान के लोगों के साथ दुआएं। अल्लाह उन्हें ज़ुल्म और नाइंसाफी करने वाली ताकतों पर ताकत और जीत दे।