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राहुल गांधी के ‘गद्दार’ कहने पर भड़के मोदी के मंत्री, कांग्रेस को बताया- देश का दुश्मन

प्रदर्शन के दौरान गेट पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का आमना-सामना हो गया।

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भारत

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Ashib Khan

Feb 04, 2026

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संसद गेट पर राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू का हुआ आमना-सामना (Photo-IANS)

बुधवार को संसद गेट पर कांग्रेस सांसद हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान एक अलग ही नजारा देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान गेट पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का आमना-सामना हो गया। कांग्रेस सांसद ने मंत्री को गद्दार दोस्त कह दिया। इसका पलटवार करते हुए बिट्टू ने राहुल गांधी को देश का दुश्मन बताया। 

PM मोदी को लेकर क्या बोले राहुल 

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि PM में आज लोकसभा आने की हिम्मत होगी क्योंकि अगर वह आते हैं, तो मैं उन्हें यह किताब दूंगा। अगर PM आते हैं, तो मैं खुद जाकर उन्हें यह किताब दूंगा ताकि वह इसे पढ़ सकें और देश को सच पता चल सके।

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि भारत के हर नौजवान को देखना चाहिए कि यह किताब है। यह मिस्टर नरवणे की किताब है। उन्होंने इस किताब में लद्दाख का पूरा ब्यौरा दिया है; मुझे बताया गया है कि मैं इस किताब को कोट नहीं कर सकता। मेन लाइन वही है जो PM ने कहा - "जो समझो वो करो"। 

राहुल गांधी ने कहा कि  जब पहले के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल नरवणे ने राजनाथ सिंह को फोन करके कहा कि चीनी टैंक कैलाश रिज तक पहुंच गए हैं, तो हमें क्या करना चाहिए? पहले तो राजनाथ सिंह ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने जयशंकर, NSA और राजनाथ सिंह से पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फिर उन्होंने एक बार फिर राजनाथ सिंह को फोन किया। राजनाथ सिंह ने उनसे कहा कि वह 'टॉप' से पूछेंगे। 'टॉप' का स्टैंडिंग ऑर्डर था कि अगर चीनी सेना अंदर आती है, तो हम बिना परमिशन के उन पर गोली न चलाएं। 

संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा- नरवणे और हमारी सेना उन टैंकों पर गोली चलाना चाहती थी क्योंकि वे हमारे इलाके में घुस आए थे। नरेंद्र मोदी ने मैसेज दिया कि "जो समझो वो करो"। इसका मतलब है कि नरेंद्र मोदी ने अपनी ड्यूटी पूरी नहीं की; उन्होंने आर्मी चीफ से कहा कि वह जो चाहें करें। जैसे "मेरे बस की नहीं है।" नरवणे लिखते हैं, 'मुझे सच में अकेलापन महसूस हुआ, मुझे पूरी व्यवस्था ने छोड़ दिया था।'

पहले भी हो चुकी है बहसबाजी

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच इस तरह की बहसबाजी हुई है। इससे पहले सितंबर 2024 में बिट्टू ने राहुल गांधी पर सिख समुदाय को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि सिख किसी भी राजनीतिक दल से बंधे नहीं हैं।