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‘चाय-पकौड़े खाने पर सियासी घमासान’…राहुल गांधी पर भड़के अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला।

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Amit Shah and Rahul Gandhi

अमित शाह और राहुल गांधी(Photo- Patrika)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी (असम) में कई विकास परियोजना का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया। इस मौके पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी असम की संस्कृति, कला और भाषा का सम्मान नहीं किया। उनके शासनकाल में असम विद्रोह का केंद्र बन गया था, जहां सैकड़ों युवा मारे गए।

कार्यक्रम में अमित शाह ने बीजेपी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हमने 2020 में बोडो शांति समझौता, 2021 में कार्बी शांति समझौता, 2022 में आदिवासी शांति समझौता, 2023 में DNLA समझौता और 2024 में ULFA समझौता करके असम को शांति प्रदान की है। उन्होंने आगे कहा कि हमने ऐतिहासिक ULFA समझौता किया। इससे दशकों पुरानी उग्रवाद की समस्या समाप्त हुई।

राहुल गांधी संसद की सीढ़ियों पर चाय-पकौड़ा खाते हैं

कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय-पकौड़ा खाते हैं। उन्हें पता नहीं कि ब्रेकफास्ट का स्थान क्या होता है। संसद हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था है। वे(राहुल गांधी) मोदी और बीजेपी का विरोध करते-करते अब देश और लोकतंत्र को बदनाम कर रहे हैं।

कांग्रेस ने AI समिट में गंदी राजनीति की

अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शर्टलेस प्रोटेस्ट की निंदा की है। शाह ने कहा कि AI इंपैक्ट समिट 2026 में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कपड़े उतारकर देश को विश्व स्तर पर बदनाम किया। यह समिट 16-20 फरवरी को भारत मंडपम में हुई थी। इस समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और 40 से अधिक ग्लोबल टेक के CEO शामिल हुए थे। राहुल गांधी ऐसे प्रदर्शनों से भारत की छवि खराब कर रहे हैं।

संसद लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था

जनता को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि संसद हमारे लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है। वहां बैठकर विरोध करना भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं है। लेकिन आपने विरोध से भी दो कदम आगे बढ़कर चाय-पकौड़े खा लिए हैं। इससे भारत की छवि पूरी दुनिया में खराब हो रही है। विपक्ष को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन AI शिखर सम्मेलन एक वैश्विक मंच था न कि निजी राजनीति का अड्डा। कांग्रेस ने AI शिखर सम्मेलन में कपड़े उतारकर देश को बदनाम करने की कोशिश की है। हम सभी राजनीति में हैं। हम भी विपक्ष में थे और हमने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए थे, लेकिन इसके लिए एक सही मंच होता है।