भारत, Jun 05, 2026
India China Border: भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर अक्सर विवाद बना रहता है। चीन समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश को 'जंगनान' या 'दक्षिण तिब्बत' बताता रहा है। चीन यहां के गांवों, नदियों तथा पहाड़ों के नाम बदलने की कोशिश करता है। इस बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (CM Pema Khandu) ने साफ कह दिया चीन का अरुणाचल प्रदेश पर दावा करना हमारे लिए कोई नई बात नहीं है और हमें इसकी कोई परवाह नहीं है। हम इसे गंभीरता से नहीं लेते। खांडू ने भारत चीन के बिच हुआ 1962 वाला युद्ध का भी जिक्र किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब यह 1962 वाला नहीं है।
सीएम पेमा खांडू ने कहा कि हमें चीन की कोई परवाह नहीं है। हमारी सीमा चीन नहीं, तिब्बत से लगती है। पेमा खांडू ने कहा कि सरकार LAC पर सड़कों का निर्माण कर रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि चीन चाहे जितने नक्शे बदले, संप्रभुता नहीं बदलेगी और भारत अब गीदड़ भभकियों से डरने वाला नहीं है।
भारतीय सेना और सरकार मिलकर एलएसी (LAC) पर सड़कों का निर्माण कर रही है। तिब्बत की तरफ बेहतरीन सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर को चीन की सबसे बड़ी ताकत माना जाता था। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से अरुणाचल प्रदेश के उन इलाकों को सड़कों, टनल, ब्रिज और बेहतर कम्युनिकेशन नेटवर्क से जोड़ दिया गया है।
जो क्षेत्र कभी देश के सबसे दूरदराज के माने जाते थे। उन्होंने कहा कि राज्य में अकेले बिजली क्षेत्र में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जबकि सीमा पर सड़कों और महत्वपूर्ण टनलों का निर्माण तेजी से जारी है। इसके अलावा, पानी से बिजली उत्पादन करने वाले कई बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स भी सक्रिय हैं।
सरकार ने भी साफ कर दिया है कि चीन चाहे जितनी भी स्टैंडर्डाइज्ड नामों की लिस्ट जारी कर ले, इससे जमीन पर हकीकत नहीं बदलने वाली। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। पेमा खांडू का यह बयान इस बात का साफ संकेत है कि भारत का नेतृत्व अब चीन की गीदड़ भभकियों से डरने वाला नहीं है।
Published on: 05 Jun 2026 07:17 pm

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