8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

क्या सिद्धू की BJP में होगी वापसी? नवजोत कौर ने पार्टी से इस्तीफे के बाद राहुल गांधी को बोला था ‘पप्पू’

कांग्रेस से इस्तीफे और निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी को 'पप्पू' कहने और पीएम मोदी की तारीफ के बाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है-क्या नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर की होगी भाजपा में घर वापसी? जानिए पूरा मामला।

2 min read
Google source verification
Navjot Kaur Sidhu, Navjot Singh Sidhu

नवजोत कौर सिद्धू और नवजोत सिंह सिद्धू (Photo - IANS)

कांग्रेस से इस्तीफे और निष्कासित होने के बाद डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के तेवर बेहद तल्ख हो गए हैं। उन्होंने न केवल पार्टी के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, बल्कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का भी प्रयोग किया। उन्होंने उन्हें 'पप्पू' कहकर भी संबोधित किया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू का अगला कदम क्या होगा? गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू अभी भी आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में बने हुए हैं।

यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में नवजोत कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की थी, जिससे उनकी भाजपा में वापसी की अटकलों को बल मिला है। हालांकि, भाजपा में वापसी को लेकर अब तक सिद्धू दंपती की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

क्या है पूरा मामला?

पिछले साल दिसंबर में नवजोत कौर ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि पार्टी में मुख्यमंत्री का चेहरा वही बनता है, जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देता है। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनके पति सक्रिय राजनीति में तभी लौटेंगे, जब उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाएगा। पार्टी की आंतरिक कलह पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा था, ''कांग्रेस में गुटबाजी इतनी अधिक है कि वे नवजोत सिंह सिद्धू को आगे नहीं बढ़ने देंगे। वहां पहले से ही पांच नेता मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं, जो खुद ही कांग्रेस को हराने पर तुले हैं।''

बगावती सुरों से भरा रहा है राजनीतिक इतिहास

सिद्धू परिवार का राजनीतिक सफर हमेशा विवादों और बगावती सुरों से घिरा रहा है। 2012 में भाजपा के टिकट पर अमृतसर पूर्व से चुनाव जीतने के बाद डॉ. नवजोत कौर ने अपनी ही तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार पर भेदभाव और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। 2014 में जब नवजोत सिंह सिद्धू का टिकट काटकर अरुण जेटली को दिया गया, तब भाजपा के साथ उनकी तल्खी और बढ़ गई। इसके बाद 2016 में उनके आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चाएं थीं, लेकिन बात नहीं बनी। अंततः 2017 के चुनाव से ठीक पहले सिद्धू दंपति कांग्रेस में शामिल हो गए थे।