
भारत की समुद्री सीमा में घुसे पाकिस्तानियों को दबोचा।(फोटो: X handle / @TheMilObserverr)
Pakistani Fishing Boat: भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG) ने एक बार फिर अरब सागर में मछली पकड़ने वाली एक संदिग्ध पाकिस्तानी अल मदीना नाव (Al-Madina Interception) को पकड़ा है। यह नाव भारतीय समुद्री सीमा (IMBL) का उल्लंघन कर अंदर घुस आई थी। जब सुरक्षाबलों ने इसे रुकने का इशारा किया, तो नाव ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद समुद्र के बीचों-बीच काफी दूर तक पीछा करने के बाद इसे कब्जे में लिया गया। नाव पर सवार 9 पाकिस्तानी चालक दल के सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया है। कोस्ट गार्ड के जहाजों और विमानों (Indian Coast Guard Operation) ने गश्त के दौरान इस संदिग्ध नाव की हलचल देखी। भारतीय जलक्षेत्र में अवैध रूप से मौजूद इस नाव को जब रुकने की चेतावनी दी गई, तो उसने अपनी रफ्तार बढ़ा दी और पाकिस्तानी सीमा की ओर भागने लगी। सुरक्षाबलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नाव को चारों तरफ से घेरा और अंततः उसे रुकने पर मजबूर कर दिया (Pakistani Boat Caught 2026)।
जानकारी के अनुसार हिरासत में लिए गए सभी 9 सदस्यों को फिलहाल ओखा या पोरबंदर बंदरगाह ले जाया जा रहा है, जहां सुरक्षा एजेंसियां उनसे गहन पूछताछ करेंगी।
संदिग्ध इरादे: हालांकि प्राथमिक तौर पर यह मछली पकड़ने वाली नाव लग रही है, लेकिन एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इसके जरिये किसी तरह की तस्करी या जासूसी की कोशिश की जा रही थी।
सुरक्षा प्रोटोकॉल: नाव की पूरी तलाशी ली जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसमें कोई हथियार या नशीले पदार्थ तो नहीं छिपाए गए हैं।
पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तानी नावों द्वारा भारतीय सीमा लांघने की घटनाएं बढ़ी हैं। अक्सर पाकिस्तानी मछुआरे अच्छी मछली की तलाश में भारतीय क्षेत्र में आ जाते हैं, लेकिन आतंकी खतरों को देखते हुए कोस्ट गार्ड किसी भी छोटी चूक को नजरअंदाज नहीं करता।
सुरक्षा कवच: कोस्ट गार्ड ने हाल के दिनों में अपनी 'इंटेलिजेंस' और गश्त को और मजबूत किया है।
ड्रोन और रडार: अब समुद्र की निगरानी के लिए उन्नत रडार सिस्टम और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे ऐसी घुसपैठ को तुरंत पहचान लिया जाता है।
अब इस मामले में कोस्ट गार्ड के साथ-साथ आईबी (IB) और स्थानीय पुलिस भी शामिल होगी। हिरासत में लिए गए सदस्यों के पास मौजूद दस्तावेजों और नाव के जीपीएस (GPS) डेटा की जांच की जाएगी ताकि उनके पिछले रूट का पता लगाया जा सके।
यह घटना भारतीय तटीय सुरक्षा की मजबूती को दर्शाती है। कोस्ट गार्ड द्वारा भागती हुई नाव को पकड़ना उनकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता (Quick Reaction Capability) का प्रमाण है। समुद्री रास्ते से होने वाले संभावित खतरों के बीच यह एक बड़ी कामयाबी है।
पाकिस्तान अक्सर ऐसी घटनाओं को 'रास्ता भटकने' का नाम देता है, लेकिन खुफिया एजेंसियों का मानना है कि कई बार इन मछुआरों को भारतीय तट की टोह लेने के लिए 'मोहरे' के रूप में भेजा जाता है। अरब सागर का यह हिस्सा बेहद संवेदनशील है, खासकर तब जब पड़ोसी मुल्क के साथ संबंध तनावपूर्ण हों।
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Published on:
15 Jan 2026 09:11 pm
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