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शादी में ‘खतरनाक’ दावत! पलामू में खाना खाते ही 100 से ज्यादा लोग बीमार, अस्पताल में मची चीख-पुकार

खाना खाने के कुछ ही घंटों में, कई लोगों को उल्टी, दस्त, चक्कर और पेट में तेज़ दर्द की शिकायत होने लगी। गुरुवार सुबह तक, गांव के कई घरों से बीमारी की खबरें आने लगीं।

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Food Poisoning

Food Poisoning

Jharkhand Palamu Food Poisoning: हर कोई अपनी शादी को यादगार बनाना चाहता है। कोई शादी के वेन्यू पर तो कोई लजील पकवान पर लोग जमकर पैसा खर्च करते है। लेकिन कई बार एक छोटी सी गलती सैंकड़ों लोगों की जान पर बन आती है। एक ऐसा ही मामला झारखंड के पलामू जिले से सामने आया है। जिले के सतबरवा ब्लॉक के बोहिता गांव में एक शादी की दावत में खाना खाने के बाद फूड पॉइजनिंग का संदिग्ध मामला सामने आया, जिसके बाद 100 से ज्यादा गांववाले बीमार पड़ गए। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

घटना से गांव में दहशत, स्कूल में लगा अस्थायी मेडिकल कैंप

इस घटना से गांव में दहशत फैल गई। इसके जवाब में जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों के इलाज के लिए गांव के स्कूल में एक अस्थायी मेडिकल कैंप लगाया है। अधिकारियों ने बताया कि करीब 10 लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (MMCH) और लेस्लीगंज के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) में रेफर किया गया है।

खाना खाने के बाद लोगों उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बोहिता गांव के रहने वाले हरिशंकर चंद्रवंशी ने बुधवार शाम अपने बेटे लवकुश शर्मा की शादी से पहले गांववालों और मेहमानों के लिए दावत रखी थी। बताया जा रहा है कि मेन्यू में पूरी, सब्जी और बूंदी शामिल थी। खाना खाने के कुछ ही घंटों में, कई लोगों को उल्टी, दस्त, चक्कर और पेट में तेज़ दर्द की शिकायत होने लगी। गुरुवार सुबह तक, गांव के कई घरों से बीमारी की खबरें आने लगीं।

100 से ज्यादा लोग बीमार

गांव के सुदेश्वर सिंह ने कहा कि सुबह खेतों में जाते समय कुछ लोगों को अचानक कमजोरी और चक्कर आने लगे और जल्द ही बीमार लोगों की संख्या 100 से ज्यादा हो गई। मरीजों की अचानक बढ़ती संख्या के बाद, हेल्थ डिपार्टमेंट ने पोखरपार टोला के प्राइमरी स्कूल को एक टेम्पररी ट्रीटमेंट सेंटर में बदल दिया। बेड की कमी के कारण, कई मरीजों को स्कूल के बरामदे में बिछी चटाई पर सलाइन चढ़ाया गया।

हेल्थ अधिकारियों की टीम ने लिया जायजा

पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव राहत के कामों का जायजा लेने के लिए हेल्थ अधिकारियों की एक टीम के साथ गाँव पहुंचे। उन्होंने निर्देश दिया कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को तुरंत एम्बुलेंस से हॉस्पिटल ले जाया जाए, जबकि दूसरों का इलाज गाँव में बने टेम्पररी कैंप में किया जाए। इमरजेंसी से निपटने के लिए इलाके में चार एम्बुलेंस तैनात की गई हैं।

सिविल सर्जन ने कहा कि यह घटना फूड पॉइजनिंग का मामला लगता है, हालांकि सही कारण का पता खाने के सैंपल की जांच के बाद ही चलेगा। गांव में एक मेडिकल टीम तैनात है और स्थिति पर करीब से नजर रख रही है।