
LPG Crisis India
LPG Crisis India: ईरान में चल रहे युद्ध का असर अब भारत की रसोई तक पहुंच गया है। पश्चिम एशिया में तनाव, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते में व्यवधान के कारण एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है, जहां 80-85% एलपीजी आयात मध्य पूर्व से होता है, और अधिकांश शिपमेंट होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। युद्ध के कारण कतर जैसे प्रमुख सप्लायरों से एलएनजी की सप्लाई रुकी या कम हुई है, जिससे घरेलू और वाणिज्यिक दोनों स्तर पर संकट गहरा गया है।
सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एस्मा (Essential Services Maintenance Act) जैसी आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया है। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए सामान्य सप्लाई जारी रखी गई है, लेकिन उद्योगों और वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को केवल 80% सप्लाई दी जा रही है। कई शहरों में घरेलू सिलेंडरों की कमी की अफवाहें फैलने से एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। नोएडा के सेक्टर-54 में बुधवार सुबह से ग्राहक खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े दिखे, जहां भीड़ इतनी बढ़ गई कि अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
वाणिज्यिक क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित है। चेन्नई और तमिलनाडु के कई हिस्सों में होटलों-रेस्तरां ने वाणिज्यिक एलपीजी न मिलने पर 11 मार्च 2026 को छुट्टी घोषित कर दी। कर्मचारियों ने बताया कि चाय-कॉफी के लिए आने वाले ग्राहक निराश लौट गए। दिल्ली हाई कोर्ट के वकीलों की कैंटीन में मुख्य भोजन उपलब्ध नहीं हो रहा, क्योंकि एलपीजी की कमी से खाना पकाना मुश्किल हो गया है। केवल सैंडविच, सलाद जैसी बिना गैस वाली चीजें मिल रही हैं।
IRCTC ने रेलवे वेंडर्स को निर्देश दिया है कि माइक्रोवेव और इंडक्शन का इस्तेमाल करें, क्योंकि एलपीजी का फ्लो प्रभावित है। कई रेस्तरां मेन्यू छोटा कर रहे हैं, फ्राइड आइटम्स हटा रहे हैं या वुड फायर पर खाना बना रहे हैं।
एलएनजी की कमी से यूरिया उत्पादन प्रभावित हुआ है। इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड जैसी कंपनियों ने प्लांट बंद कर दिए या मेंटेनेंस बढ़ा दिया है। प्लांट शुरू करने में एक महीना लग सकता है, अगर सप्लाई बहाल हो जाए।
उत्तराखंड सरकार ने संकट की तैयारी में व्यावसायिक उपयोग के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि स्थिति संकटपूर्ण है, और अगर गैस की कमी गहराई तो वन विकास निगम लकड़ी सप्लाई करेगा ताकि वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल हो सके। सरकार का दावा है कि घरेलू स्तर पर कोई बड़ा संकट नहीं है, और रिफाइनरियों से उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।
Published on:
11 Mar 2026 04:19 pm
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