
शव के पैतृक गांव चिखली लौटने पर बिलख पड़े ग्रामीण: चार साल पाकिस्तान की जेल में रहने के बाद ताबूत में लौटा मछुआरा का शव (इमेज सोर्स: AI जनरेटेड)
Indian Fisherman Dies In Pakistan Jail: गुजरात के गिर सोमनाथ जिले की उना तहसील के चिखली गांव में शनिवार को मातम पसरा रहा। साल 2022 में पाकिस्तानी मरीन सिक्योरिटी द्वारा पकड़े गए भारतीय (गुजरात) मछुआरे भगाभाई परबतभाई बामनिया का पार्थिव शरीर शनिवार को वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते उनके पैतृक गांव लौटा।
भगाभाई बामनिया की मृत्यु गत 16 जनवरी को पाकिस्तान (Pakistan) में कराची की जेल में कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) पड़ने से हुई थी। वह पिछले करीब चार साल से पाकिस्तान की कैद में थे। जब गुजरात मत्स्य विभाग के अधिकारी उनके शव को लेकर चिखली गांव पहुंचे, तो पूरे गांव की आंखें नम हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। एक तरफ अपनों को खोने का गम था, तो दूसरी तरफ यह टीस कि काश! वे जीते-जी वतन लौट पाते।
इस दु:खद घड़ी ने गांव के उन अन्य घावों को भी हरा कर दिया जो पिछले कई महीनों से रिस रहे हैं। चिखली गांव के सरपंच प्रतिनिधि नरेशभाई कामलिया ने बताया कि भगाभाई अकेले नहीं थे बल्कि गांव के ही चार अन्य मछुआरे अब भी पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं। हमें नहीं पता कि वे वहां कैसे हालात में हैं। करीब डेढ़ महीने पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें गांव के भगाभाई गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती दिखे थे, जिनका शव ही चिखली गांव लौटा है। शेष अन्य मछुआरे वहां किस हाल में हैं, इसका हमें कोई अंदाजा नहीं है।
चिखली गांव के ही पाकिस्तान में कैद मछुआरे दानाराम के घर की एक महिला ने बताया कि वे पांच साल से पाकिस्तान में बंद हैं। सरकार बस जल्द उन्हें सही-सलामत यहां ले आए।
Published on:
09 Feb 2026 03:36 am
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