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मुंबई, Jan 28, 2026

Ajit Pawar Death: शरद पवार की अचानक तबीयत बिगड़ी; भतीजे अजित पवार की मौत से टूटे राजनीति के चाणक्य

Sharad Pawar Health Update: प्लेन क्रैश में अजित पवार की मौत की खबर ने महाराष्ट्र की राजनीति को हिला दिया है। भतीजे की मौत के बाद सदमे से शरद पवार की तबीयत बिगड़ गई। इसके बावजूद वे अंतिम विदाई देने के लिए बारामती पहुंचे।

ajit pawar plane crash

भतीजे की मौत से टूटे शरद पवार, आंखों में साफ दिखा दर्द (Photo-X)

Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र की राजनीति में आज शोक की लहर फैल गई है। यहां उप मुख्यमंत्री और NCP प्रमुख अजित पवार की असमय विमान हादसे में मौत हो गई। इस दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दुखद हादसे का सबसे गहरा असर अजित पवार के चाचा और उनके राजनीतिक गुरु शरद पवार पर पड़ा।

भतीजे की मौत होने से पहुंचे सदमे के कारण शरद पवार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। भतीजे की मौत का शरद पवार को इतना दर्द था कि वह इलाज के दौरान खुद को रोक नहीं पाए और डॉक्टरों की सलाह के बावजूद जाने की जिद करने लगे।

अस्पताल से छुट्टी मिलते ही शरद पवार सीधे बारामती पहुंच गए, जहां अजित पवार का पार्थिव शरीर रखा गया था।

आदर्शों से भरा चाचा-भतीजे का रिश्ता

शरद पवार और अजित पवार का रिश्ता केवल राजनीति तक सीमित नहीं था। अजित पवार ने राजनीति के हर दाव-पेंच अपने चाचा की उंगली पकड़कर ही सीखे थे। हालांकि, 2023 में शरद पवार की NCP पार्टी दो गुटों में बंट गई और दोनों दिग्गज नेताओं की राजनीतिक राह अलग हो गई, लेकिन दोनों के व्यक्तिगत रिश्तों में कभी कड़वाहट नहीं आई।

हाल ही में शरद पवार के जन्मदिन के मौके पर अजित पवार कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने अपने चाचा से झुककर आशीर्वाद लिया। यह एक घटना साबित करने के लिए काफी है कि शरद पवार और अजित पवार का रिश्ता कितना आदर्शों से भरा था। अजित पवार और शरद पवार के रिश्तों पर बारामती के पुराने कार्यकर्ता कहते हैं कि राजनीति अलग हो सकती है, लेकिन परिवार कभी अलग नहीं हुआ।

अजित पवार के निधन का कार्यकर्ताओं पर गहरा असर

अजित पवार के निधन से बारामती की सड़कों पर भारी भीड़ है, लेकिन माहौल बिल्कुल खामोश है। इस दुर्घटना के कारण तीन हत्ती चौक से लेकर गोविंदबाग तक हर चेहरे पर गम दिखाई देता है। अभी कुछ समय पहले तक NCP के दोनों गुट जहां अलग-अलग दिखाई देते थे, वे आज एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

इस दौरान किसी के हाथ में कोई झंडा नहीं है और कोई नारे नहीं लगा रहा। बस सबकी आंखें नम हैं और एक प्रकार की खामोशी है। लोग कहते हैं कि अजित पवार राजनीति में प्रशासन की रफ्तार की भूमिका में थे और शरद पवार वह आधार थे, जिस पर पूरी महाराष्ट्र की राजनीति टिकी हुई थी।

शरद पवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती

अजित पवार का जाना शरद पवार के लिए सिर्फ एक राजनीतिक झटका नहीं, बल्कि निजी नुकसान भी है। भले ही शरद पवार का अस्पताल से ठीक होकर लौटना कार्यकर्ताओं के लिए राहत की खबर हो, लेकिन शरद पवार के चेहरे पर यह साफ दिखाई देता है कि उन्होंने एक अहम साथी खो दिया है।

शरद पवार अंदर से टूटे हुए दिखाई देते हैं। हालांकि, अब यह सवाल खड़ा होता है कि शरद पवार आगे क्या करेंगे? उनकी राजनीति का ऊंट अब किस करवट बैठेगा? पार्टी की कमान आगे कौन संभालेगा? क्या शरद पवार एक बार फिर पूरी जिम्मेदारी अपने हाथों में लेंगे? यह सब सवालों के जवाब अब भविष्य के गर्भ में हैं।

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