नई दिल्ली, May 30, 2026

सुप्रीम कोर्ट (ANI)
NEET Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG लंबे समय से पेन और पेपर मोड में आयोजित होती रही है। इस साल हुई परीक्षा में पेपर लीक होने के बाद परीक्षा सुरक्षा, पारदर्शिता और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थी जिसकी सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कोर्ट को बताया कि NEET UG को वर्ष 2027 से कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। एजेंसी ने कहा कि यह बदलाव केंद्र सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर लागू किया जाएगा, जिससे परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाया जा सके।
NTA ने न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ के समक्ष दाखिल हलफनामे में बताया कि उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति ने NEET UG को पेन और पेपर मोड से CBT मोड में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। एजेंसी के अनुसार उसके अधिकांश प्रमुख एग्जाम पहले से ही कंप्यूटर आधारित प्रारूप में आयोजित किए जा रहे हैं। केवल NEET UG ही ऐसा प्रमुख एग्जाम था जो स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पारंपरिक प्रारूप में आयोजित हो रहा था। अब इसे भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का निर्णय लिया गया है।
हलफनामे में कहा गया है कि विशेषज्ञ समिति ने केवल CBT मोड ही नहीं बल्कि मल्टी-सेशन और मल्टी-स्टेज टेस्टिंग व्यवस्था की भी सिफारिश की है। इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा प्रबंधन अधिक प्रभावी हो सकेगा। शिक्षा मंत्रालय ने जून 2024 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। समिति ने अक्टूबर 2024 में अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें कुल 101 सुधारात्मक सुझाव शामिल थे। इन सुझावों के क्रियान्वयन के लिए बाद में एक उच्च स्तरीय संचालन समिति भी बनाई गई।
NTA ने अदालत को बताया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। एजेंसी के अनुसार 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा में 22.05 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे और यह परीक्षा 5,432 केंद्रों पर हुई थी। पेपर लीक से जुड़े आरोपों के बाद परीक्षा रद्द की गई और मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई। NTA ने कहा कि 21 जून 2026 को होने वाली पुनर्परीक्षा में मल्टी-लेयर ऑथेंटिकेशन, निगरानी तंत्र और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय जैसी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।
Published on: 30 May 2026 04:26 pm

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