नर्मदापुरम, May 30, 2026

203 villages at risk of flooding before Monsoon Arrival (Patrika.com)
Monsoon Arrival: मध्य प्रदेश में मानसून के शुरू होने से पहले 200 से ज्यादा गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नर्मदा, तवा, देनवा, ताप्ती, माछा सहित आधा दर्जन नदियों के उफान पर आते ही नर्मदापुरम संभाग में 203 गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। बाढ़ बचाव के लिए होमगार्ड, एसडीआरएफ की व्यवस्था बनाना शुरू कर दिया है। संभाग के तीनों जिलों में बाढ़ बचाव के लिए 40 मोटर बोट तैनात की गई है। मानसून के आने के पहले 24 घंटे सक्रिय रहने वाले कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी जाएगी। शुक्रवार को कमिश्नर श्रीकांत बनोट ने बाढ़ निगरानी समिति की तैयारी की समीक्षा की।
कमिश्नर बनोट ने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए रिस्पांस टीम, होमगार्ड जवान, एनडीआरफ, आपदा मित्र, पुलिस फोर्स अलर्ट मोड में रहे। मानसून इस वर्ष अपेक्षा से थोड़ा कम रहेगा लेकिन इसके बावजूद बचाव, राहत की सभी तैयारियां अभी से सुनिश्चित की जाए। विशेष पाइंटो पर सतर्कता बरती जाए।
यहां देखे मीटिंग की लिंक- नर्मदापुरम कमिश्नर
लोक निर्माण विभाग के कार्यपालक यंत्री को बारिश, बाढ़ से पूर्व सभी पुल, पुलिया, सडक़ों पर चेतावनी के संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। बैरियर्स, बैरिकेडिंग भी की जाए। शहरी क्षेत्र के सभी नगरीय निकायों में बाढ़ प्रभावित चिन्हित क्षेत्र पर विशेष निगरानी रखें बाढ़ आने पर बचाव के कार्य करें। अति वर्षा, बाढ़ होने पर सरकारी भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल में राहत शिविर बनाए जाएं। कोई भवन जर्जर की मरम्मत कराई जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बाजार के कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। चिकित्सा टीम दवाइयां एवं भोजन की उपलब्धता रहे। बारिश के दौरान तवा, बरगी, बारना बांध से पानी छोडने के लिए गेट खोलने के पूर्व सूचना सभी को दी जाए। बांध के आसपास के गांव में सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया जाए।
नर्मदापुरम- 18
सोहागपुर- 32
इटारसी- 02
पिपरिया-13
बनखेड़ी-10
सिवनी मालवा-10
माखननगर-32
डोलरिया- 27
नर्मदापुरम-144
हरदा-34
बैतूल-25
जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री रूपांकन लक्ष्मी विश्वकर्मा ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रशासन, रिस्पांस टीम, अधिकारी के सपंर्क के लिए सोशल मीडिया पर गुप्र बनाया जाएगा। कंट्रोल रूम में होमगार्ड वायरलेस सेट लगाएगा। सेठानी घाट पर नर्मदा नदी का जलस्तर 964 फीट होने पर शहरी, निचली बस्तियों को बाढ़ से बचाने के लिए दशहरा मैदान नाला पर पंपिंग कर पानी की निकासी की जाएगी।
Published on: 30 May 2026 08:33 pm

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