
प्रतीकात्मक फोटो
नागौर। ऑनलाइन होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म ओयो रूम्स के माध्यम से फर्जी होटल में कमरा बुक करने के मामले में उपभोक्ता आयोग ने परिवादी को राहत दी है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, नागौर ने इसे गंभीर सेवा दोष एवं अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए ओयो रूम्स लिमिटेड को कुल 57,551 रुपए का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
आयोग के अध्यक्ष दीनदयाल प्रजापत ने आदेश में उपभोक्ता को बुकिंग राशि 551 रुपए वापस दिलाने के साथ मानसिक एवं शारीरिक क्षतिपूर्ति के रूप में 50 हजार रुपए तथा परिवाद व्यय के 7 हजार रुपए अलग से अदा करने के निर्देश दिए हैं।
परिवादी ने ओयो रूम्स की एप्लिकेशन के माध्यम से जयपुर में एक होटल में कमरा बुक किया था, लेकिन बताए गए पते पर पहुंचने पर वहां दूसरे नाम की होटल मिली।
होटल संचालक ने बुकिंग स्वीकार करने से इनकार कर दिया। परिवादी ने ओयो रूम्स से मदद मांगी, लेकिन समाधान नहीं मिला।
उल्टे ओयो रूम्स की ओर से बिना पूर्व बुकिंग राशि लौटाए दोबारा भुगतान लेकर दूसरे होटल में कमरा बुक कर दिया गया। मजबूरी में परिवादी को दो बार भुगतान करना पड़ा। इसके बाद परिवादी ने अधिवक्ता रामकिशोर बंग के माध्यम से आयोग के समक्ष परिवाद पेश किया।
सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि बिना अस्तित्व वाले होटल के नाम से ऑनलाइन बुकिंग कर राशि वसूलना उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी है। यह न केवल गंभीर सेवा दोष है, बल्कि अनुचित व्यापार व्यवहार भी है।
आयोग ने ओयो रूम्स को निर्देश दिए कि वह ‘होटल यश पैलेस’ नाम से किसी भी प्रकार का ऑनलाइन रूम बुक करने का कृत्य नहीं करे।
साथ ही एक माह के भीतर इस अनुचित व्यापार व्यवहार को बंद नहीं करने पर एक लाख रुपए का जुर्माना और तीन वर्ष के कारावास से दंडित करने की अवमानना कार्रवाई प्रस्तुत की जा सकेगी।
Published on:
23 Jan 2026 07:05 pm
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