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बाप रे! ये कैसा जाम…मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 33 घंटे तक फंसे लोग, ट्रैफिक का Video देख हिल जाएगा माथा

Mumbai Pune expressway: खंडाला घाट में गैस टैंकर पलटने से मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर 33 घंटे तक भीषण जाम लगा रहा। हालात का ड्रोन वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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मुंबई

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Imran Ansari

Feb 05, 2026

Traffic jam on Mumbai-Pune Expressway Video of people stranded for 33 hours goes viral

Mumbai-Pune Expressway: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लगा जाम सुर्खियों में बना हुआ है। दरअसल, मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर बुधवार को लोग करीब 33 घंटे तक फंसे रहे। इस भीषण ट्रैफिक की वजह खंडाला घाट खंड में एक गैस टैंकर का पलट जाना था। हादसे के चलते पूरा हाईवे वाहनों से खचाखच भर गया। फिलहाल आवागमन बहाल हो चुका है, लेकिन उस लंबे जाम का ड्रोन से शूट किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं।

इस जाम को लेकर पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि दुर्घटनाग्रस्त टैंकर को हटाए जाने के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे अमृतांजन पुल के पास कुछ भारी वाहनों में तकनीकी खराबी आ जाने से घाट सेक्शन में कुछ समय के लिए ट्रैफिक की रफ्तार सुस्त हो गई थी। इससे पहले मंगलवार को हुए टैंकर हादसे के चलते मुंबई की दिशा में जाने वाला मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया था, जबकि पुणे की ओर जाने वाले वाहनों को अलग-अलग चरणों में डायवर्ट कर नियंत्रित तरीके से निकाला गया।

20 KM तक लगा जाम

आपको बता दें कि मंगलवार की शाम पांच बजे एक गैस टैंकर मुंबई की तरफ जा रही थी, तभी अचानक रास्ते में ही पलट गई। टैंकर की वजह से मुंबई जाने वाले मार्ग पर जाम लगना शुरू हो गया। इस दुर्घटना के कारण व्यस्त एक्सप्रेसवे पर हजारों वाहन घंटों तक फंसे रहे। जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि करीब 20 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत यात्रियों को भोजन, पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो सकीं। एमएसआरडीसी के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार देर रात पलटे हुए टैंकर में भरी प्रोपलीन गैस को सुरक्षित तरीके से अन्य टैंकरों में स्थानांतरित किया गया, जिसके बाद क्रेनों की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाया जा सका।

भूख और पानी से लोग बेहाल

बता दें कि एक्सप्रेसवे और घाट के इस हिस्से में आसपास न तो होटल हैं और न ही दुकानें, जिससे फंसे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। कई लोगों को लगातार 10 से 12 घंटे तक कुछ भी खाने को नहीं मिला, वहीं पानी की बोतलें भी खत्म हो गईं। हालात ऐसे हो गए कि यात्रियों को बुनियादी जरूरतों के लिए भी जूझना पड़ा। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह स्थिति बेहद कठिन साबित हुई। कई यात्रियों ने बताया कि भूख और प्यास से बेहाल बच्चों को संभालना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया था, क्योंकि मदद मिलने की कोई तत्काल व्यवस्था नहीं थी।