
Ladki Bahin Yojna Update
महाराष्ट्र सरकार की फ्लैगशिप ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) के लाभार्थियों की संख्या में पिछले एक साल में भारी कमी आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2024 में जब यह योजना शुरू हुई थी, तब लाभार्थियों की संख्या 2.52 करोड़ थी। हालांकि, सरकारी जांच और छंटनी प्रक्रिया के बाद अब केवल 1.90 करोड़ पात्र महिलाएं ही इस सूची में बची हैं। इसका मतलब है कि लगभग 62 लाख आवेदकों को अपात्र होने पर योजना से बाहर कर दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक अवैध और अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाए जाने के बाद यह कमी दर्ज की गई है। योजना शुरू होने के समय कुल 2.52 करोड़ महिलाओं ने लाभ लिया था। लेकिन जांच के दौरान ऐसे लोगों की पहचान की गई जो नियमों के अनुसार पात्र नहीं थे।
इनमें आयकरदाता, वाहन मालिक और वे महिलाएं शामिल हैं जिन्होंने अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। इसमें वह महिलाएं भी शामिल है जो उम्र की सीमा से बाहर थे और एक परिवार में दो से ज्यादा लाभार्थी थे। ऐसे सभी नाम योजना से हटाने के बाद लाभार्थियों की संख्या घटकर 1.90 करोड़ रह गई।
आवेदनों की छानबीन के दौरान खुलासा हुआ कि कई ऐसे परिवार जो इनकम टैक्स भरते हैं, उन्होंने भी गलत जानकारी देकर आवेदन किया था। जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होने पर भी लाभ ले रहे थे। बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं थीं जिन्होंने बार-बार डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसके अलावा एक ही परिवार से दो से अधिक महिलाओं का आवेदन करना या पुरुषों द्वारा महिला बनकर फॉर्म भरना भी नाम कटने की बड़ी वजह रही। इस योजना के तहत हजारों सरकारी कर्मचारी भी गलत तरीके से मासिक किश्तें प्राप्त कर रहे थे, और उनसे अब पूरी राशि वसूल की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि लाभार्थियों की वास्तविक और अंतिम संख्या 31 मार्च के बाद ही स्पष्ट होगी। उस तारीख तक सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी में हुई चूक को सही करना अनिवार्य किया गया है। यदि इस समय सीमा तक ई-केवाईसी पूरी नहीं होती है, तो संबंधित लाभार्थी को मिलने वाली 1500 रुपये की मासिक सहायता राशि हमेशा के लिए बंद की जा सकती है।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना (Ladli Behen Scheme) महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य 21 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सशक्त बनाना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में दी जाती है। इस योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
राज्य सरकार का कहना है कि योजना को पारदर्शी बनाने और सही लाभार्थियों को लाभ देने के लिए पात्रता की कड़ी जांच की जा रही है। ई-केवाईसी और दस्तावेज सत्यापन के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाभ सही लोगों तक पहुंचे।
Published on:
17 Feb 2026 04:30 pm
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