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‘मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं और खुलेआम घूमते हैं’, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, कहा- CM फडणवीस इतने बेबस हैं…

Fadnavis government: महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने फडणवीस सरकार को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने मंत्रियों के बच्चों से जुड़े अपराधों पर सवाल उठाते हुए सख्त टिप्पणी की।

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मुंबई

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Imran Ansari

Jan 23, 2026

Bombay High Court reprimanded Fadnavis government

Fadnavis government: महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था को लेकर बाम्बे हाईकोर्ट ने फडणवीस सरकार को जोरदार फटकार लगाई है। दरअसल, 22 जनवरी को अदालत ने एक मामले की सुनवाई करते हुए टिप्पणी की है कि महाराष्ट्र में मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं और खुलेआम घूमते हैं। कोर्ट ने कहा कि क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इतने बेबस हैं कि वे उस मंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कह पा रहे हैं जिसके बेटे ने अपराध किया है?

आपको बता दें कि गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में शिवसेना के नेता एवं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भरत गोगावले के बेटे विकास गोगावले की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही थी। इस मामले की सुनवाई करने के दौरान न्यायमूर्ति माधव जामदार ने महाराष्ट्र सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या मुख्यमंत्री इतने मजबूर हैं कि एक अपराध करने वालों के खिलाफ कुछ भी नहीं कह सकते हैं? मंत्रियों के बेटे अपराध करने के बाद खुलेआम घूमते हैं, अपने माता-पिता से रोज बात करते हैं, लेकिन पुलिस उनको नहीं पकड़ पाती है? न्यायमूर्ति माधव जामदार ने यह भी सवाल किया कि क्या राज्य में कानून व्यवस्था और कानून का शासन कायम है?

मंत्री के बेटे को आत्मसमर्पण करने के लिए कहो- HC

सुनवाई के दौरान अदालत ने महाधिवक्ता साठे से कहा कि मंत्री के बेटे विकास गोगावले को सुनवाई से पहले सरेंडर करने के लिए कहो। इसके साथ ही अदालत ने गरम लहजे में यह भी कहा है कि अगर अगली सुनवाई तक मंत्री का बेटा सरेंडर नहीं करता है तो मजबूरन आरोपी के खिलाफ कड़ा आदेश पारित करना पड़ेगा। इस दौरान न्यायमूर्ति जमादार ने कहा कि 'आप पुलिस पर दबाव बनाने में सफल हो सकते हैं लेकिन अदालत पर बिल्कुल भी दबाव नहीं बना सकते हैं।

जानिए क्या है मंत्री के बेटे का मामला?

आपको बता दें कि दो दिसंबर को रायगढ़ जिले के महाड नगर परिषद चुनाव के दौरान हुई हिंसा मामले में विकास गोगावले को मुख्य आरोपित बताया जा रहा है। चुनाव के समय एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार गुट की राकांपा के समर्थकों के बीच हुई थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए शिकायतें दर्ज कराईं, जिसके बाद क्रॉस-एफआईआर हुई। विकास गोगावले और उनके चचेरे भाई महेश ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत मांगी थी, लेकिन अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली। इस मामले में गुरुवार को जस्टिस माधव जामदार ने मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस को कड़ी फटकार लगाई।