
मुंबई में टूट सकता है बीजेपी-शिंदे का गठबंधन (Photo-IANS)
BMC Mayor Election: मुंबई में मेयर चुनाव (Mumbai Mayor Election) से पहले एक बार फिर बड़े उलटफेर की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में शिवसेना (UBT) बीजेपी को समर्थन दे सकती है। माना जा रहा है कि इसका मकसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) को राजनीतिक रूप से अलग-थलग करना है, जो लगातार बीजेपी पर मुंबई के मेयर पद अपने गुट को देने का दबाव बना रहे हैं।
बता दें कि इस सियासी हलचल को तब और हवा मिली, जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे (balasaheb thackeray)की 100वीं जयंती के मौके पर सोशल मीडिया पर एक अहम पोस्ट साझा की। इस पोस्ट के बाद बीजेपी, शिवसेना (UBT) और एमएनएस के साथ आने की संभावनाओं पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
MNS प्रमुख राज ठाकरे ने अपने पोस्ट में राजनीतिक लचीलापन दिखाने के संकेत दिए। उन्होंने लिखा, “राजनीति में बालासाहेब को भी कई बार लचीला रुख अपनाना पड़ा, लेकिन मराठी लोगों के प्रति उनका प्रेम कभी कम नहीं हुआ, बल्कि और मजबूत हुआ। यही संस्कार हमें मिले हैं। बदली हुई राजनीति में अगर मुझे भी कभी थोड़ा लचीला रुख अपनाना पड़े, तो वह कभी निजी स्वार्थ या लाभ के लिए नहीं होगा।”
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसेना (UBT) फ्लोर टेस्ट के दौरान अनुपस्थित रह सकती है। अगर ऐसा होता है, तो इससे बीजेपी के लिए मेयर पद के साथ-साथ स्टैंडिंग कमेटी और इम्प्रूवमेंट कमेटी जैसे अहम पदों पर कब्जा आसान हो सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक राज ठाकरे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं, और उनका सोशल मीडिया पोस्ट इसी दिशा में संकेत देता है।
शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने साफ किया है कि उनकी पार्टी बीजेपी के साथ जाने पर विचार कर सकती है, लेकिन एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ किसी भी हाल में समझौता नहीं होगा। राउत ने शिंदे को “गद्दार” बताते हुए कहा कि गद्दारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में एमएनएस के शिंदे गुट के साथ जाने पर भी नाराजगी जताई।
बीएमसी के मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो 227 सदस्यीय सदन में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसके पास 89 सीटें हैं। शिवसेना (UBT) को 66 सीटें मिली हैं, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 और कांग्रेस को 21 सीटें हासिल हुई हैं। सत्ता के लिए जरूरी बहुमत का आंकड़ा 114 है, जो किसी भी एक पार्टी के पास नहीं है।
Updated on:
23 Jan 2026 09:45 pm
Published on:
23 Jan 2026 09:37 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
