
अजित पवार का निधन (Photo: X/NCP/IANS)
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दुखद निधन को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन उस भयानक दुर्घटना से जुड़ी नई और चौंकाने वाली जानकारियां अभी भी सामने आ रही हैं। अब राष्ट्रीय समाज पक्ष (RSP) के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री महादेव जानकर (Mahadev Jankar) ने एक हैरान करने वाल दावा किया है। जानकर के अनुसार, वे भी 28 जनवरी को उसी विमान में सवार होने वाले थे, जो बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
पत्रकारों से बात करते हुए भावुक महादेव जानकर ने बताया कि नियति ने उन्हें कैसे मौत के मुंह से वापस खींच लिया। उन्होंने कहा, "हादसे से कुछ दिन पहले मेरी अजित दादा से बात हुई थी। उन्होंने मुझसे कहा था कि हम साथ में बारामती चलेंगे। 28 जनवरी की सुबह हम दोनों एक ही विमान से जाने वाले थे। लेकिन, मुंबई पहुंचने में देरी के कारण मैं उस विमान से नहीं जा सका। अगर मैं समय पर पहुंच जाता, तो आज मैं भी इस दुनिया में नहीं होता।"
जानकर ने कहा, “अगर मैं समय पर पहुंच जाता, तो उसी विमान में होता। नियति ने मुझे बचा लिया। अजित पवार का जाना राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।”
अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। महादेव जानकर ने कहा कि अजित दादा का जाना राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दादा को याद करते हुए उन्हें एक कर्मठ और दूरदर्शी नेता बताया।
28 जनवरी की सुबह करीब 8:10 बजे अजित पवार का निजी विमान मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ था। उन्हें वहां जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के प्रचार के लिए चार जनसभाओं को संबोधित करना था। लेकिन विमान सुबह 8.45 बजे बारामती रनवे से मात्र 50 मीटर की दूरी पर क्रैश हो गया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी और विमान में कुछ तकनीकी खराबी भी आ गई थी। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की जान चली गई। जिसमें अजित पवार के साथ उनके सुरक्षा रक्षक विदीप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक का भी दुखद निधन हो गया।
इस बीच, दुर्घटनाग्रस्त विमान के ब्लैक बॉक्स से जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और ब्लैक बॉक्स से मिलने वाले डेटा को बेहद अहम माना जा रहा है। उसके विश्लेषण से यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी खामी के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
डेटा रिकवरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। इस रिपोर्ट में दुर्घटना के कारणों, घटनाक्रम और जिम्मेदार कारकों पर स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है। महाराष्ट्र सरकार ने इस पूरी घटना की सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं।
Updated on:
05 Feb 2026 04:17 pm
Published on:
05 Feb 2026 04:12 pm
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