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‘5 की मौत, छठा शख्स कहां?’ अजित पवार के करीबी नेता का साजिश की ओर इशारा

अजित पवार के चाचा व वरिष्ठ नेता शरद पवार ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा था कि बारामती में विमान क्रैश होना महज हादसा है, इसके पीछे किसी तरह की साजिश नहीं है। उनके इस बयान के बाद भी चर्चाएं थमी नहीं हैं।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 02, 2026

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विमान हादसे में अजित पवार की हुई मौत (photo-IANS)

महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बीते बुधवार (28 जनवरी 2026) को एक विमान हादसे में दुखद निधन हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत कुल 5 लोगों की जान चली गई। हालांकि, शरद पवार ने इसे महज एक दुर्घटना करार दिया है, लेकिन एनसीपी (अजित पवार) के कई नेता संदेह जताते हुए इसके पीछे बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहे है। अजित गुट के विधायक अमोल मिटकरी (Amol Mitkari) और रुपाली पाटिल ठोंबरे (Rupali Patil Thombare) ने इस पूरे मामले में कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बारामती विमान हादसे को लेकर उनके मन में कुछ शंकाएं हैं, जिनका जवाब मिलना जरूरी है। साथ ही इस दुर्घटना की सीबीआई जांच की भी मांग की है।  

NCP नेता ने पूछा- कागज क्यों नहीं जले?

अजित पवार के करीबी माने जाने वाले अमोल मिटकरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अजित पवार को गए हुए अब पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन महाराष्ट्र अभी भी इस सदमे से बाहर नहीं आ पाया है। गांवों से लेकर शहरों तक लोग इस हादसे को लेकर अलग-अलग बातें कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें कुछ लोगों ने बताया कि हादसे के बाद अजित पवार का शव पहचानने की हालत में नहीं था, लेकिन उनके पास मौजूद कागजात पूरी तरह सुरक्षित मिले। मिटकरी ने सवाल उठाया कि जब शव इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत था, तो विमान में रखा कागजात कैसे नहीं जला।

क्या विमान में छह लोग सवार थे?

उन्होंने आगे कहा कि मीडिया में पहले यह खबर चली कि विमान में छह लोग सवार थे, जबकि बाद में सामने आई जानकारी में केवल पांच नाम बताए गए। इनमें पायलट कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, पिंकी माली, अजित पवार और उनके बॉडीगार्ड विदीप जाधव शामिल थे। ऐसे में छठा व्यक्ति कौन था और वह कहां है, यह अब भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

मिटकरी ने कहा, "जब अजित दादा का शरीर बुरी तरह जल गया और पहचानना मुश्किल था, तो उनके पास मौजूद कागजात कैसे नहीं जले? उन कागजों पर आग का एक निशान तक नहीं है। खबरों में बताया गया कि विमान में 6 लोग सवार थे, लेकिन मौके से केवल 5 शव ही क्यों बरामद हुए? अगर छठा व्यक्ति था, तो वह कहां गायब है? ऐन वक्त पर पायलट क्यों बदला गया? रूट में भी बदलाव किया गया, जिस पायलट को विमान उड़ाने की जिम्मेदारी दी गई, उसका पिछला रिकॉर्ड अच्छा नहीं था।"

क्रैश लैंडिंग क्यों करवाई?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता ने यह भी कहा कि अगर विजिबिलिटी कम थी, विमान में ईंधन मौजूद था तो पायलट पुणे में लैंड कर सकता था या हवा में चक्कर लगा सकता था। सीधे क्रैश लैंडिंग का फैसला क्यों लिया गया? उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुणे में लैंडिंग का सुझाव दिया गया था, तो वहां विमान क्यों नहीं उतारा गया। अचानक पायलट बदलने, ट्रैफिक का हवाला देने और पहले से खराब विमान को उड़ान की अनुमति मिलने जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने संदेह जताया।

मिटकरी ने कहा कि एक कार्यकर्ता के तौर पर उनके मन में यह शंका है कि कहीं इस पूरे मामले में कुछ छिपाया तो नहीं जा रहा, कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी पर सीधा आरोप नहीं लगा रहे हैं, बल्कि चाहते हैं कि उनके मन में उठ रही शंकाओं का समाधान हो।

CBI जांच की मांग

अमोल मिटकरी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस मामले की सीआईडी जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन इसके साथ-साथ एक उच्चस्तरीय जांच भी होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की, ताकि यह पूरी तरह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा था या किसी तरह की साजिश।

उन्होंने कहा, घटना स्थल की कुछ विसंगतियों की वजह से संदेह पैदा होता हैं। मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच के आदेश दिए जाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि सीबीआई जांच कराई जाएगी। मैं अगले सप्ताह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर मामले की उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित करने का प्रयास करूंगा।

फिलहाल, विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और फॉरेंसिक टीमें साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। महाराष्ट्र सरकार ने कहा की डीजीसीए की जांच रिपोर्ट में अहम खुलासे हो सकते हैं।

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