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बिन ब्याही मां बनी पत्नी, नवजात को मिला पिता; FIR दर्ज होते ही लाइन पर आया ‘बेवफा’ सिपाही

Moradabad News: मुरादाबाद में FIR दर्ज होने के बाद प्रशिक्षु सिपाही ने बिन ब्याही मां बनी युवती से कोर्ट मैरिज कर ली और नवजात को अपनाया। पुलिस की सख्ती के चलते सिपाही ने पत्नी के नाम जमीन भी की, जिससे मां और बच्चे को न्याय मिला गया है।

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trainee constable marriage after fir moradabad

FIR दर्ज होते ही लाइन पर आया 'बेवफा' सिपाही | Image - Pinterest

Constable marriage after fir moradabad: यूपी के मुरादाबाद में एक बिन ब्याही मां और उसके नवजात बच्चे को आखिरकार इंसाफ मिल गया। पुलिस में प्रशिक्षु सिपाही रहे युवक ने FIR दर्ज होने के बाद युवती से न सिर्फ कोर्ट मैरिज की, बल्कि मंदिर में सात फेरे लेकर सामाजिक रूप से भी विवाह को मान्यता दी। लंबे समय तक बच्चे को अपनाने से इनकार करने वाला सिपाही पुलिस की सख्ती के बाद लाइन पर आया और अब पत्नी व बच्चे को अपने घर ले गया है।

शादी का झांसा, भरोसे का शोषण

मझोला थाना क्षेत्र की 23 वर्षीय युवती ने 24 दिसंबर को दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया था कि दो साल पहले उसकी मुलाकात अमरोहा के डिडौली क्षेत्र निवासी अनीत से हुई थी। मोबाइल पर बातचीत के दौरान नजदीकियां बढ़ीं और युवक ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए, जिसके परिणामस्वरूप युवती गर्भवती हो गई।

गर्भपात का दबाव और जिम्मेदारी से पलायन

युवती का आरोप था कि गर्भ ठहरने के बाद अनीत और उसके मौसेरे भाई जीवन व सुनील ने गर्भपात कराने के लिए दवा भी दिलवाई, लेकिन गर्भपात नहीं हुआ। इसी बीच अनीत का चयन पुलिस में सिपाही के पद पर हो गया और वह जून माह में प्रशिक्षण के लिए फिरोजाबाद चला गया, जिसके बाद उसने दूरी बनानी शुरू कर दी।

पंचायत के बाद साथ, फिर दहेज की मांग

दोनों पक्षों की पंचायत के बाद 12 नवंबर को युवती प्रशिक्षु सिपाही के घर पहुंची और 26 नवंबर को अमरोहा के अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। आरोप है कि इसके बाद सिपाही और उसके स्वजनों ने दहेज की मांग शुरू कर दी। विरोध करने पर युवती और उसके नवजात को मायके छोड़ दिया गया और बच्चे को अपनाने से भी साफ इनकार कर दिया गया।

FIR के बाद बदला रुख, DNA टेस्ट की तैयारी

मामले में अनीत, उसके माता-पिता, भाई-बहन और रिश्तेदारों को आरोपी बनाते हुए FIR दर्ज की गई। पुलिस ने DNA टेस्ट की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की, जिससे सिपाही और उसके परिवार पर दबाव बढ़ा। इसी कार्रवाई के बाद आरोपी पक्ष समझौते और विवाह के लिए राजी हुआ।

जमीन के बैनामे के बाद विवाह पर सहमति

पंचायत में युवती के परिजनों ने स्पष्ट शर्त रखी कि शादी से पहले दो बीघा जमीन युवती के नाम की जाए। शर्त मानते हुए जमीन का बैनामा कराया गया। इसके बाद प्रशिक्षु सिपाही ने अमरोहा में कोर्ट मैरिज की और मंदिर में सात फेरे लेकर पत्नी और बच्चे को अपनाने की औपचारिक घोषणा की।

पुलिस का मानवीय दृष्टिकोण, FIR में अंतिम रिपोर्ट की तैयारी

एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य था कि बच्चे को पिता और युवती को पति मिल सके, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो। अब जब दोनों का विवाह हो चुका है और सिपाही पत्नी-बच्चे को घर ले गया है, तो पुलिस FIR में अंतिम रिपोर्ट लगाने की तैयारी कर रही है।


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