
Mau News: पूर्वांचल के प्रमुख जिलों गोरखपुर, बलिया, वाराणसी और मऊ को जोड़ने के लिए शीघ्र ही इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की जाएगी। पहले चरण में कुल 21 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है, जिससे यात्रियों को आधुनिक, आरामदायक और किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही, इससे क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर भी नियंत्रण में मदद मिलेगी।
परिवहन विभाग ने इस योजना को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। चार्जिंग स्टेशनों के लिए सर्वे किया जा चुका है और कई स्थानों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। योजना के तहत एक साथ पांच बसों को लगभग एक घंटे में चार्ज किया जा सकेगा। इसके लिए 480 किलोवाट क्षमता के चार्जिंग प्वाइंट बनाए जा रहे हैं।
पहले चरण में बलिया से 10 और आजमगढ़ से 11 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो भविष्य में बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बसों का संचालन लगभग 200 से 250 किलोमीटर के दायरे में होगा। मार्ग में आवश्यकता पड़ने पर बीच-बीच में बने चार्जिंग प्वाइंट पर बसों को चार्ज किया जा सकेगा।
इलेक्ट्रिक बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। इनमें आरामदायक सीटें, बेहतर वेंटिलेशन, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी।
परिवहन विभाग के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से किराए में भी राहत मिलने की संभावना है, क्योंकि इनका संचालन खर्च डीजल बसों की तुलना में कम होता है। इससे यात्रियों को किफायती यात्रा का लाभ मिलेगा।
चार्जिंग स्टेशनों का विकास आजमगढ़, बेलथरा, दोहरीघाट और बलिया में किया जा रहा है। प्रमुख बस अड्डों पर फास्ट चार्जिंग की व्यवस्था होगी, ताकि बसों के संचालन में कोई बाधा न आए। इस योजना को सफल बनाने के लिए बिजली विभाग के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।
इलेक्ट्रिक बस सेवा के शुरू होने से न केवल परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा
Published on:
07 Feb 2026 06:00 pm
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