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3 साल पहले मिली स्वीकृति, सरकार बदलते ही ठंडे बस्ते में गया कन्या छात्रावास, छात्राओं की उम्मीदें टूटीं

CG News: महासमुंद जिले में शासकीय माता कर्मा कन्या महाविद्यालय में छात्राओं को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। छात्राओं की संख्या बढ़ती जा रही है। कॉलेज में बैठने के लिए कुर्सी पर्याप्त है और न ही रहने के लिए अब तक हॉस्टल बन पाया है। 2023 में छात्रावास निर्माण की स्वीकृति मिली थी, राशि […]

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प्रारंभ नहीं हुआ हॉस्टल निर्माण (फोटो सोर्स- पत्रिका)

प्रारंभ नहीं हुआ हॉस्टल निर्माण (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: महासमुंद जिले में शासकीय माता कर्मा कन्या महाविद्यालय में छात्राओं को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। छात्राओं की संख्या बढ़ती जा रही है। कॉलेज में बैठने के लिए कुर्सी पर्याप्त है और न ही रहने के लिए अब तक हॉस्टल बन पाया है। 2023 में छात्रावास निर्माण की स्वीकृति मिली थी, राशि आकर वापस चली गई, लेकिन 2026 के जनवरी तक छात्रावास निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।

माता कर्मा कन्या कॉलेज में 100 सीटर छात्रावास के लिए दो करोड 72 लाख रुपए की स्वीकृति मिली थी। लंबे समय से गल्र्स हॉस्टल की मांग की जा रही है, लेकिन दूर-दराज से शहर में आकर पढऩे वाली छात्राओं को तीन साल बाद भी हॉस्टल नसीब नहीं हुआ है। माता कर्मा कन्या कॉलेज की शुरुआत 2005 में हुई थी।

वर्तमान में 575 छात्राएं अध्ययरत है। जिले का एकमात्र कन्या कॉलेज है और शासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि कॉलेज में सुधार के लिए प्रयास नहीं कर रहे हैं। कॉलेज में छात्रावास के साथ ही सभागार भी बनाया जाना था, लेकिन यह भी शुरू नहीं हो पाया। कुछ वर्ष पहले नैक की टीम आई थी और टीम ने कई सुझाव दिए थे, जिस पर अमल भी नहीं हो पाया है।

कॉलेज प्रबंधन शासन को पत्र लिख चुका है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई। 2023 में जब स्वीकृति मिली थी, उम्मीद जगी थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद उम्मीद धरी की धरी रह गई। माता कर्मा कन्या कॉलेज के प्राचार्य एस कुमार ने बताया कि शासन को पत्र लिखा है। जमीन का चिह्नांकन भी किया गया है। हॉस्टल बनना प्रस्तावित है। पीडब्ल्यू विभाग से भी चर्चा की गई है। शेड के लिए भी पत्र लिखा गया है।

कॉलेज में अतिरिक्त कक्ष की कमी

माता कर्मा कन्या कॉलेज में नए कोर्स खोलने के लिए कक्ष की कमी है। कक्ष नहीं होने से नए कोर्स के लिए भी प्रस्ताव नहीं भेज पा रहे हैं। इसके साथ ही कॉलेज में सभागार या आडिटोरिया नहीं है। महाविद्यालय के मैदान का भी रखरखाव नहीं हो पा रहा है।

शेड हो चुके हैं जर्जर

माता कर्मा कन्या कॉलेज सभा स्थल में शेड बुरी तरह जर्जर हो चुका है, कई बार पत्र लिखने के बाद भी अब तक मरम्मत नहीं हो पाया है। बारिश के सीजन में छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में समस्या आती है। छात्राओं को असुविधा होती है।

नहीं मिल पाया फर्नीचर

माता कर्मा कन्या कॉलेज की छात्राओं को अब तक फर्नीचर भी नसीब नहीं हुआ है। 575 छात्राएं अध्ययन कर रही है और 250 फर्नीचर है। इसके कारण बैठने में भी दिक्कत आती है। समय के साथ छात्राओं की संख्या में वृद्धि हो रही है, लेकिन छात्राओं को सुविधा नहीं मिल पा रही है।