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सिरपुर को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की कवायद तेज, महोत्सव के दौरान निरीक्षण के लिए आ सकती है दिल्ली की टीम

Sirpur Mahotsav 2026: प्राचीन ऐतिहासिक स्थल सिरपुर को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के प्रयास फिर से तेज हो गए हैं।

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1 फरवरी से शुरू होगा सिरपुर महोत्सव 2026 ( फोटो सोर्स- पत्रिका)

1 फरवरी से शुरू होगा सिरपुर महोत्सव 2026 ( फोटो सोर्स- पत्रिका)

Sirpur Mahotsav 2026: प्राचीन ऐतिहासिक स्थल सिरपुर को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के प्रयास फिर से तेज हो गए हैं। आगामी दिनों में एक टीम दिल्ली जाकर प्रेजेंटेशन देगी, जबकि सिरपुर महोत्सव के दौरान निरीक्षण के लिए टीम आने की भी संभावना है।

पिछले वर्ष 2025 में भी सिरपुर को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की कोशिश हुई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य पर्यटन विभाग ने यूनेस्को टैग के लिए आवश्यक अंतरराष्ट्रीय मानकों, सुरक्षा और प्रस्तुति का निरीक्षण पूरा कर लिया है। रिपोर्ट केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को भेज दी गई है, जिससे प्रस्ताव और मजबूत हो सके। सिरपुर अब तक विश्व धरोहर की मान्यता नहीं पा सका है। यह स्थल महानदी के तट पर स्थित है और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में सिरपुर का दौरा किया और इसे विश्व धरोहर में शामिल करने के प्रयास जारी रखने की बात कही। सिरपुर को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के प्रयास 2014 से लगातार जारी हैं। पहले नॉमिनेशन किया गया था, लेकिन मानक पूरे न होने के कारण इसे सूची में शामिल नहीं किया जा सका। 2024-25 में भी प्रयास किए गए, लेकिन वह भी सफल नहीं हुआ। सिरपुर के विश्व धरोहर में शामिल होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

दिल्ली में होगा महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन

सिरपुर विकास प्राधिकरण के वर्तमान सीईओ धम्मशील गणवीर और पूर्व सीईओ राजेंद्र राव ने बताया कि आगामी दिनों में दिल्ली में एक महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। इस बार भी सिरपुर के वल्र्ड हेरिटेज नॉमिनेशन की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

मास्टर प्लान और विकास की चुनौतियां

सिरपुर को एक व्यवस्थित और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए अब तक मास्टर प्लान पर कोई ठोस और प्रभावी कार्य शुरू नहीं हो पाया है। प्रस्तावित मास्टर प्लान में 34 गांव शामिल हैं, लेकिन विकास की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। क्षेत्र में पर्यटकों के लिए मोटल, आवास, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास अधूरा है। कई जगहों पर बनी संरचनाओं का उपयोग मूल उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में किया जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है।

सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र था सिरपुर

सिरपुर कभी दक्षिण कोसल का प्रमुख राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा है। यह स्थल प्राचीन काल में विद्या, धर्म और कला का महत्वपूर्ण केंद्र था। यहां हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मों से जुड़े तीर्थस्थल, मठ, मंदिर और विहार के दुर्लभ और ऐतिहासिक अवशेष आज भी मौजूद हैं। अब तक पुरातात्विक खुदाई में 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 10 बौद्ध विहार और 3 जैन विहार के अवशेष मिले हैं। कई महत्वपूर्ण स्थल अब भी पूरी तरह खुदाई की प्रतीक्षा में हैं, जिससे यहां और भी ऐतिहासिक तथ्यों के सामने आने की संभावना है।