
होली से पहले किसानों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, अनुदान पर मिलेंगे कृषि यंत्र (फोटो सोर्स : AI )
UP Scheme 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इस बार होली के पर्व पर किसानों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के रंग भरने की तैयारी में है। प्रदेश के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने और खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र, ड्रोन, फार्म मशीनरी बैंक और फसल अवशेष प्रबंधन उपकरणों का लाभ दिया जाएगा। कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत किसानों के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जो 4 मार्च 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक किसान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र को मजबूत किए बिना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का विकास संभव नहीं है। यही कारण है कि त्योहारों के अवसर पर किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों से लैस करना, खेती में श्रम लागत घटाना, उत्पादन बढ़ाना और आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। सरकार चाहती है कि छोटे और सीमांत किसान भी आधुनिक मशीनों का उपयोग कर सकें।
कृषि विभाग द्वारा कई प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं-
कृषि विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
लाभार्थियों को कृषि यंत्र खरीदने के बाद कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। टोकन कन्फर्म होने के बाद 10 दिन के भीतर यंत्र खरीदना अनिवार्य,खरीद की रसीद अपलोड करना,मशीन की फोटो पोर्टल पर डालना। जानकारी agridarshan.up.gov.in या upyantratraking.in पर अपलोड करना। समय सीमा का पालन न करने पर अनुदान निरस्त भी हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि यंत्रीकरण आधुनिक खेती की रीढ़ बन चुका है। इससे श्रम पर निर्भरता कम होती है,उत्पादन लागत घटती है,समय की बचत होती है,फसल की गुणवत्ता बढ़ती है। प्रदेश सरकार इसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है ताकि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बना रहे।
प्रदेश में कृषि यंत्रीकरण अभियान का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार,2017 से 2025 तक लगभग 3 लाख कृषि यंत्र वितरित। 2.31 लाख एकल कृषि यंत्र किसानों को उपलब्ध। 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित। 7351 फार्म मशीनरी बैंक संचालित। इन केंद्रों के माध्यम से छोटे किसान भी किराये पर मशीनें लेकर खेती कर पा रहे हैं।
सरकार का विशेष फोकस छोटे और सीमांत किसानों पर है। पहले महंगे कृषि यंत्र खरीदना अधिकांश किसानों के लिए संभव नहीं था, लेकिन अब अनुदान और सामूहिक मशीन बैंक की सुविधा से खेती आसान हो रही है। कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए किसान जरूरत के अनुसार मशीन किराये पर ले सकते हैं, जिससे उन्हें बड़ी पूंजी निवेश करने की जरूरत नहीं पड़ती।
फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों को बढ़ावा देने का उद्देश्य पराली जलाने की समस्या को कम करना भी है। आधुनिक मशीनों के उपयोग से खेत की उर्वरता बनी रहती है और प्रदूषण में भी कमी आती है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन करें। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवेदन प्रक्रिया में किसानों की हर स्तर पर सहायता की जाए। योगी सरकार का लक्ष्य है,कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाना।तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देना। किसानों की आय बढ़ाना। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करना। होली के अवसर पर यह योजना किसानों के लिए आर्थिक मजबूती और आधुनिक खेती की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
Published on:
27 Feb 2026 02:00 am
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