
बरेली, जालौन, मथुरा, गोंडा और प्रयागराज में नई तैनाती से प्रशासनिक हलचल (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
PCS Transfer 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक कार्यों को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) के पांच अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। शासन की ओर से जारी आदेश में विभिन्न जिलों और मंडलों में अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। इन तबादलों से स्थानीय प्रशासनिक तंत्र में नई सक्रियता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
तबादला सूची के अनुसार निम्नलिखित अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं:
1. राजेश कुमार वर्मा
अब तक नगर मजिस्ट्रेट जालौन के पद पर कार्यरत रहे राजेश कुमार वर्मा को नगर मजिस्ट्रेट, बरेली बनाया गया है। बरेली एक प्रमुख जिला है जहां कानून-व्यवस्था, राजस्व कार्य और शहरी प्रशासन महत्वपूर्ण होते हैं। उनकी तैनाती को प्रशासनिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
2. सुनील कुमार
उप जिलाधिकारी, प्रयागराज के पद पर तैनात सुनील कुमार को अब नगर मजिस्ट्रेट, जालौन नियुक्त किया गया है। प्रयागराज में प्रशासनिक अनुभव के आधार पर जालौन में भी उनसे प्रभावी कार्यशैली की अपेक्षा की जा रही है।
3. कमलेश चन्द्र
अपर आयुक्त, देवीपाटन मंडल, गोंडा के पद पर कार्यरत रहे कमलेश चन्द्र को उप सचिव, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज बनाया गया है। यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व है जहां आयोग से जुड़े परीक्षा और चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होती है।
4. राजेश कुमार यादव
अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति), मथुरा के पद से स्थानांतरित कर अपर आयुक्त, देवीपाटन मंडल, गोंडा बनाया गया है। देवीपाटन मंडल में प्रशासनिक समन्वय और विकास कार्यों की निगरानी उनकी नई जिम्मेदारी होगी।
5. नंद प्रकाश मौर्य
उप जिलाधिकारी, महराजगंज के पद पर तैनात नंद प्रकाश मौर्य को अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति), मथुरा बनाया गया है। मथुरा में नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का क्रियान्वयन अब उनके नेतृत्व में होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर अधिकारियों के स्थानांतरण से प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा आती है। अलग-अलग क्षेत्रों में अनुभव प्राप्त करने से अधिकारी व्यापक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर पाते हैं।
नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति जैसे विभाग सीधे तौर पर जनहित से जुड़े हैं। इन योजनाओं में गति लाने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अनुभवी अधिकारियों की तैनाती को सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इसी तरह, लोक सेवा आयोग में उप सचिव का पद भी अत्यंत संवेदनशील है, जहां चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता सर्वोपरि होती है।
जिन जिलों में नए अधिकारी पहुंचे हैं, वहां प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों ने कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय स्तर पर यह उम्मीद जताई जा रही है कि नए अधिकारी अपने अनुभव और कार्यशैली से विकास कार्यों को गति देंगे।
Updated on:
31 Jan 2026 09:01 pm
Published on:
31 Jan 2026 09:00 pm

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