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LDA: बटलर पैलेस में झील के बीच बनेगा आईलैंड कैफे, लखनऊ को मिलेगा नया खूबसूरत पर्यटन स्थल आकर्षण

LDA Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बटलर पैलेस के सौंदर्यीकरण को रफ्तार देते हुए झील के बीच ‘आईलैंड कैफे’ विकसित करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। पेडेस्ट्रियन ब्रिज से जुड़ा यह कैफे 2026 तक तैयार होगा। परिसर में लैंडस्केपिंग, जीर्णोद्धार और हेरिटेज लुक बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jan 31, 2026

बटलर पैलेस बनेगा नया आकर्षण केंद्र: झील के बीच ‘आईलैंड कैफे’, Lucknow को मिलेगा हेरिटेज-नेचर का अनोखा संगम (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

बटलर पैलेस बनेगा नया आकर्षण केंद्र: झील के बीच ‘आईलैंड कैफे’, Lucknow को मिलेगा हेरिटेज-नेचर का अनोखा संगम (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Butler Palace to become new attraction: लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों को नई पहचान देने की दिशा में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बुधवार को बटलर पैलेस परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। इस परियोजना के तहत ऐतिहासिक बटलर झील के बीच बने द्वीप (आईलैंड) पर एक आकर्षक कैफेटेरिया विकसित किया जा रहा है, जिसका नाम “आईलैंड कैफे” रखा जाएगा। यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि शहरवासियों को प्राकृतिक सुंदरता के बीच समय बिताने का एक नया और अनूठा ठिकाना भी उपलब्ध कराएगी।

 झील के बीच कैफे: प्रकृति के बीच स्वाद का संगम

बटलर पैलेस परिसर स्थित झील के बीच बना आईलैंड अब केवल देखने की चीज नहीं रहेगा, बल्कि यह शहर का एक जीवंत सार्वजनिक स्थल बन जाएगा। LDA की योजना के अनुसार, यहां बनने वाला आईलैंड कैफे पेडेस्ट्रियन ब्रिज (पैदल पुल) के माध्यम से आम जनता के लिए सुलभ होगा।

लोग पुल के रास्ते झील के बीच बने इस कैफे तक पहुंच सकेंगे, जहां बैठकर वे पानी, हरियाली और ऐतिहासिक वातावरण के बीच लजीज व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। शाम के समय झील का दृश्य, हल्की रोशनी और प्राकृतिक वातावरण इस स्थान को बेहद खास बना देगा। अधिकारियों के अनुसार, यह कैफेटेरिया अप्रैल 2026 तक तैयार कर लिया जाएगा। इसके डिजाइन में आधुनिक सुविधाओं के साथ विरासत संरचना की गरिमा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

बटलर पैलेस का जीर्णोद्धार और फसाड अपलिफ्टमेंट

निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बटलर पैलेस की मुख्य इमारत के प्रथम तल पर चल रहे जीर्णोद्धार (रिनोवेशन) और फसाड अपलिफ्टमेंट के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अभियंताओं और ठेकेदारों को निर्देश दिए कि इमारत की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखते हुए मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य जुलाई माह तक पूरा किया जाए।  फसाड अपलिफ्टमेंट के तहत भवन के बाहरी हिस्से को आकर्षक, साफ-सुथरा और संरचनात्मक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। दीवारों की मरम्मत, रंग-रोगन, लाइटिंग और आर्किटेक्चरल डिटेलिंग के जरिए भवन को नया लुक दिया जाएगा, जिससे यह रात में भी शानदार दिखाई दे।

पीछे के लॉन में लैंडस्केपिंग और हॉर्टिकल्चर

बटलर पैलेस के पिछले हिस्से में स्थित बड़े लॉन को भी नई पहचान देने की योजना है। यहां लैंडस्केपिंग और हॉर्टिकल्चर (बागवानी) के विशेष कार्य कराए जाएंगे। एलडीए उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि लॉन में सजावटी पौधे, फूलों की क्यारियां, बैठने की जगहें और वॉकिंग ट्रैक विकसित किए जाएं, ताकि यह क्षेत्र परिवारों, बुजुर्गों और युवाओं के लिए एक शांत और सुंदर सार्वजनिक स्थल बन सके। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि पौधारोपण स्थानीय जलवायु के अनुकूल प्रजातियों का हो, जिससे हरियाली लंबे समय तक बनी रहे और रखरखाव भी आसान हो।

 हजरतगंज की पुरानी संरचनाओं का पुनः उपयोग

परियोजना का एक अहम और सराहनीय पहलू पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान यह निर्देश दिया गया कि हजरतगंज क्षेत्र में बदली जा रही पुरानी रेलिंग और बिजली के खंभों को फेंका न जाए, बल्कि उन्हें एलडीए की आवासीय योजनाओं में विकसित किए जा रहे पार्कों और ग्रीन बेल्ट में उपयोग किया जाए। इससे न केवल लागत में कमी आएगी, बल्कि संसाधनों का पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) भी होगा। यह कदम शहरी विकास में सतत (सस्टेनेबल) दृष्टिकोण को दर्शाता है।

पर्यटन और शहर की पहचान को मिलेगा बढ़ावा

बटलर पैलेस पहले से ही ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व का स्थल रहा है, लेकिन लंबे समय से यहां उचित रखरखाव और आकर्षक सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी। अब इस सौंदर्यीकरण परियोजना के बाद यह स्थान लखनऊ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है। आईलैंड कैफे, सुसज्जित लॉन, बेहतर लाइटिंग और पुनर्निर्मित इमारत- ये सभी मिलकर इस क्षेत्र को एक हेरिटेज + नेचर + रिक्रिएशन ज़ोन में बदल देंगे। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा।

गुणवत्ता और समयसीमा पर सख्ती

उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक धरोहर को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। निरीक्षण के दौरान अभियंताओं, आर्किटेक्ट्स और संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए।

लखनऊ को मिलेगा नया ‘पिकनिक स्पॉट’

परियोजना पूरी होने के बाद बटलर पैलेस परिसर परिवारों, युवाओं, पर्यटकों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक पसंदीदा जगह बन सकता है। झील के बीच कैफे में बैठकर चाय-कॉफी या स्नैक्स का आनंद लेना लखनऊ के अनुभव में एक नया अध्याय जोड़ देगा। यह पहल दर्शाती है कि शहर का विकास केवल सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को संजोते हुए भी किया जा सकता है।

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