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यूपी बजट 2026-27 में महिलाओं को बड़ा तोहफा, ‘लखपति दीदी’ अभियान और उद्यमिता योजनाओं को बढ़ावा

UP Budget 2026-27 में महिला सशक्तिकरण को विकास के केंद्र में रखा गया है। ‘लखपति दीदी’ अभियान, महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना और उत्पाद विपणन पहल के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Feb 12, 2026

नव निर्माण के 9 वर्ष: यूपी बजट 2026-27 में महिला सशक्तिकरण को बड़ी ताकत, ‘लखपति दीदी’ अभियान को ₹200 करोड़ का बल (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

नव निर्माण के 9 वर्ष: यूपी बजट 2026-27 में महिला सशक्तिकरण को बड़ी ताकत, ‘लखपति दीदी’ अभियान को ₹200 करोड़ का बल (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

UP Budget 2026-27: उत्तर प्रदेश सरकार के बजट वर्ष 2026-27 में महिला सशक्तिकरण को विकास की धुरी के रूप में स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पेश इस बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने, महिलाओं को उद्यमिता की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है। “नव निर्माण के 9 वर्ष” की थीम के साथ सरकार ने महिला केंद्रित योजनाओं को व्यापक बजटीय समर्थन देकर सामाजिक-आर्थिक बदलाव का संदेश दिया है।

‘लखपति दीदी’ अभियान को नई ऊर्जा

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार का महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ अभियान इस बजट में प्रमुखता से उभरा है। इस लक्ष्य को गति देने के लिए ₹200 करोड़ की बजटीय व्यवस्था की गई है। सरकार का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को पूंजी, प्रशिक्षण और बाज़ार से जोड़कर उन्हें छोटे उद्यम स्थापित करने में सक्षम बनाना है, ताकि वे नियमित आय अर्जित कर सकें और ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि हो।

उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना

बजट में ‘उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना’ के तहत भी ₹200 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। इस योजना का लक्ष्य महिलाओं को आसान, ब्याज-मुक्त और चरणबद्ध पूंजी उपलब्ध कराना है, जिससे वे छोटे उद्योग या स्वरोजगार इकाइयाँ शुरू कर सकें। सरकार का फोकस महिलाओं को कर्ज निर्भरता से मुक्त कर उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनाना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और महिलाओं की सामाजिक स्थिति भी मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना वित्तीय समावेशन और महिला उद्यमिता के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है।

उत्पादों के विपणन के लिए नई पहल

महिला उद्यमिता केवल उत्पादन तक सीमित न रहे, इसके लिए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना’ शुरू करने की घोषणा की है, जिसके लिए ₹100 करोड़ का बजट प्रस्तावित है। इस योजना के तहत,रेलवे स्टेशनों,बस टर्मिनलों,हवाई अड्डों,प्रमुख बाजारों में तीन वर्ष की अवधि के लिए शोरूम और दुकानों को किराए पर लिया जाएगा, जिन्हें पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा। सरकार शुरुआती तीन वर्षों का किराया स्वयं वहन करेगी। इसके बाद स्वयं सहायता समूह और महिला उद्यमी इन केंद्रों का संचालन संभालेंगी। यह कदम महिला उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान

इन योजनाओं का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने की उम्मीद है। जब महिलाएं स्वरोजगार और लघु उद्योगों से जुड़ेंगी, तो परिवार की आय में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय बाजारों में मांग भी बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य है कि महिला उद्यमिता के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई गति मिले।

आत्मनिर्भरता की ओर कदम

महिला उद्यमिता योजनाए केवल आर्थिक पहल नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम भी हैं। इनसे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। परिवार और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। सरकार इसे आर्थिक सशक्तिकरण से सामाजिक सम्मान” की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।

महिला केंद्रित विकास मॉडल

यूपी सरकार का यह बजट स्पष्ट करता है कि महिला सशक्तिकरण को अब विकास के केंद्र में रखा गया है। ‘लखपति दीदी’ जैसे अभियानों के जरिए सरकार ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता की मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रही है।