
ब्रिटिश नागरिकता विवाद में राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत | Image - X/@RahulGandhi
Rahul Gandhi British Citizenship Case Relief: लखनऊ की एमपी/एमएलए कोर्ट ने ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर उन्हें बड़ी कानूनी राहत दी है। विशेष न्यायाधीश थर्ड एसीजेएम आलोक वर्मा ने करीब आठ दिन तक चली सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।
कोर्ट के इस निर्णय के साथ ही राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर फिलहाल विराम लग गया है। इस फैसले को राहुल गांधी के पक्ष में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि मामला सीधे तौर पर उनकी नागरिकता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा हुआ था।
यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के नेता एस विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं और उन्होंने भारतीय कानूनों के तहत गलत जानकारी देकर भारतीय नागरिकता बनाए रखी है। शिशिर ने अदालत से मांग की थी कि इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए और उनकी भारतीय नागरिकता की वैधता की जांच कर उसे रद्द किया जाए।
मामले की सुनवाई लगातार आठ दिनों तक चली, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से कई दस्तावेज और तर्क अदालत के सामने पेश किए गए। अदालत ने सभी दलीलों और कागजातों का बारीकी से अध्ययन किया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से कानूनी पहलुओं पर विस्तार से बहस हुई और न्यायालय ने हर तथ्य को रिकॉर्ड में लेते हुए फैसला सुरक्षित रखा था।
याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम 1923, पासपोर्ट अधिनियम 1967 और विदेशी अधिनियम 1946 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि अगर राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक पाए जाते हैं, तो उनके पास भारतीय पासपोर्ट रखने और चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं रह जाता।
इस मामले से जुड़े दस्तावेज पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय और इलाहाबाद हाई कोर्ट के सामने भी पेश किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इस केस की सुनवाई रायबरेली की एमपी/एमएलए कोर्ट में शुरू की गई थी। हालांकि, बाद में याचिकाकर्ता ने अपनी सुरक्षा को लेकर खतरे का हवाला दिया और सुनवाई लखनऊ की एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कराने की मांग की, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
लखनऊ एमपी/एमएलए कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस समर्थकों ने इसे राहुल गांधी के लिए बड़ी जीत बताया है, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि वे आगे भी कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे। इस मामले का असर आने वाले राजनीतिक माहौल और चुनावी रणनीतियों पर भी पड़ सकता है।
Published on:
28 Jan 2026 07:34 pm
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