
लोहड़ी की धूम 2026” कार्यक्रम में छात्राओं ने बिखेरा उल्लास, परंपरा और संस्कृति का रंग (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Lohri Festival: गुरु नानक गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में पावन पर्व लोहड़ी को अत्यंत हर्षोल्लास, धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। “लोहड़ी की धूम 2026” शीर्षक से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कॉलेज परिसर पूरी तरह से उत्सवमय वातावरण में रंगा नजर आया। प्रबंध समिति, प्राचार्या, प्रवक्तागण, स्टाफ और छात्राओं की सहभागिता ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ लोहड़ी की पवित्र अग्नि प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर प्रबंध समिति की सदस्य रबिन्दर कौर, महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुरभि गर्ग एवं समस्त स्टाफ ने विधिवत रूप से अग्नि प्रज्ज्वलित कर पर्व की शुरुआत की। पवित्र अग्नि के समक्ष सभी ने गुड़ और तिल अर्पित कर ईश्वर से मंगलकामनाएं कीं।
लोहड़ी की अग्नि में तिल-गुड़ अर्पित करते हुए सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक रूप से प्रार्थना की कि जैसे-जैसे काले तिल अग्नि में जलें, वैसे-वैसे अज्ञानता, नकारात्मकता और पापों का हमारे जीवन से नाश हो तथा हम सभी सत्कर्मों के मार्ग पर अग्रसर हों। इस अवसर पर पारिवारिक, सामाजिक और वैश्विक समृद्धि की कामना की गई।साथ ही परमपिता परमात्मा के चरणों में कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और प्रगति की प्रार्थना की गई। यह दृश्य अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक वातावरण से परिपूर्ण रहा।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रंजीत कौर ने लोहड़ी पर्व की पारंपरिक और ऐतिहासिक रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने 40 मुक्तों की ऐतिहासिक कथा का विस्तार से वर्णन किया, जिसमें गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रति 40 सिंहों की आस्था, उनके द्वारा लिखे गए बेदावे को फाड़ने और बलिदान की प्रेरक कथा शामिल रही। इसके साथ ही उन्होंने “सुंदरिया-मुदरिया” की प्रसिद्ध लोककथा भी सुनाई, जिसने छात्राओं को पंजाबी लोक संस्कृति से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने लोहड़ी से जुड़ी सामाजिक मान्यताओं, कृषि परंपरा और पारिवारिक मूल्यों को भी रेखांकित किया।
डॉ. रंजीत कौर ने बताया कि लोहड़ी पर्व का विशेष महत्व नववधुओं और नवजात शिशुओं के लिए होता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए महाविद्यालय की डॉ. गुरजीत कौर और डॉ. शाहीन फातिमा की पहली लोहड़ी को विशेष उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उनकी झोली भरकर यह मंगल कामना की गई कि उनके नए जीवन में सदैव पूर्णता, संपन्नता, सुख और सफलताएं बनी रहें। यह क्षण भावनात्मक होने के साथ-साथ पारिवारिक सौहार्द और स्नेह का प्रतीक बना।
उत्सव के उल्लासपूर्ण वातावरण में छात्राएं पारंपरिक पंजाबी परिधानों में सजी-धजी नजर आईं। ढोल की थाप पर छात्राओं ने जोश और उमंग के साथ भांगड़ा और गिद्दा प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को जीवंत कर दिया और तालियों की गड़गड़ाहट से वातावरण गूंज उठा। प्रवक्तागण और छात्राओं ने मिलकर लोहड़ी के चारों ओर परिक्रमा की और एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं। यह दृश्य सामूहिकता, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का सशक्त उदाहरण रहा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुरभि गर्ग ने सभी को लोहड़ी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक पर्व छात्राओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करते हैं। उन्होंने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति और परंपरा का ज्ञान भी उतना ही आवश्यक है। ऐसे आयोजन छात्राओं में आत्मविश्वास, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का विकास करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने लोहड़ी के प्रसाद का आनंद लिया। आपसी संवाद, हंसी-खुशी और उल्लास के साथ यह पर्व संपन्न हुआ। पूरे आयोजन में अनुशासन, सौहार्द और सांस्कृतिक गरिमा का विशेष ध्यान रखा गया।
Published on:
13 Jan 2026 05:35 pm
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