2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

KGMU में हड़कंप: FIR नहीं तो OPD बंद, अपर्णा यादव विवाद में डॉक्टरों का आर-पार का ऐलान

KGMU Controversy: लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से जुड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। FIR दर्ज न होने से नाराज़ डॉक्टरों और कर्मचारियों ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए 13 जनवरी से OPD सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी है।

4 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Jan 13, 2026

KGMU में बवाल: अपर्णा यादव विवाद के बाद डॉक्टरों का अल्टीमेटम, FIR नहीं तो OPD बंद (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

KGMU में बवाल: अपर्णा यादव विवाद के बाद डॉक्टरों का अल्टीमेटम, FIR नहीं तो OPD बंद (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

KGMU Crisis Deepens: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) इन दिनों गंभीर प्रशासनिक संकट और आंदोलन की आहट के बीच घिर गई है। यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से जुड़े एक विवाद के बाद विश्वविद्यालय के डॉक्टरों, कर्मचारियों और पैरा मेडिकल स्टाफ ने पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई तो 13 जनवरी, मंगलवार से OPD सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी।

संयुक्त बैठक में लिया गया बड़ा फैसला

सोमवार को KGMU परिसर में शिक्षक संघ, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, तो कार्य बहिष्कार के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। संगठनों ने 9 जनवरी को प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति कार्यालय परिसर में हुई तोड़फोड़, हंगामे और महिला कर्मचारियों के साथ कथित अभद्रता को लेकर गहरी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यह घटना न केवल विश्वविद्यालय की गरिमा पर हमला है, बल्कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा भी है।

72 घंटे बाद भी FIR नहीं, बढ़ता गया आक्रोश

KGMU के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा ने 9 जनवरी को ही चौक कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। बावजूद इसके, तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि जब विश्वविद्यालय की कुलपति और वरिष्ठ अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो बाकी शिक्षकों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों की सुरक्षा की उम्मीद करना बेमानी है। इसी नाराजगी के चलते 13 जनवरी, 2026 से OPD सेवाएं बंद रखने पर सहमति बनी।

कुलपति की सक्रियता, राजभवन और मुख्यमंत्री से मुलाकात

मामले की गंभीरता को देखते हुए KGMU की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने सोमवार सुबह राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी भेंट कर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।

कुलपति ने मुख्यमंत्री को विशाखा समिति की रिपोर्ट, विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई और मौजूदा हालात की विस्तृत जानकारी दी। KGMU प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों पर संतोष व्यक्त किया और KGMU व कुलपति कार्यालय की सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया।

STF को सौंपी गई जांच

KGMU प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि कट्टरपंथी गतिविधियों के आरोपों की जांच के लिए गठित सात सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच फिलहाल स्थगित कर दी गई है। अब इस पूरे मामले की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी स्पष्ट किया कि धर्मांतरण और कट्टरपंथी गतिविधियों जैसे मामलों की जांच विश्वविद्यालय प्रशासन की सीमा से बाहर है, इसलिए इसे STF को सौंपा गया है।

OPD बंद, इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू

KGMU शिक्षक संघ के मंत्री डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि FIR दर्ज न होने की स्थिति में संगठनों के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि मंगलवार को OPD सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी, लेकिन मरीजों की जान को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी सेवाएं यथावत चलती रहेंगी।समिति की अगली बैठक 13 जनवरी, 2026 को दोपहर 2 बजे प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

9 जनवरी की घटना से भड़का विवाद

गौरतलब है कि 9 जनवरी को यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव KGMU पहुंची थीं। प्रशासन का आरोप है कि इस दौरान उनके समर्थकों ने प्रशासनिक भवन में जमकर हंगामा किया और कार्यालय में तोड़फोड़ की। महिला कर्मचारियों के साथ अभद्रता के भी आरोप लगाए गए हैं।इसी घटना को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

महिला डॉक्टर की आत्महत्या की कोशिश से खुला मामला

इस पूरे प्रकरण की जड़ एक महिला डॉक्टर की आत्महत्या की कोशिश से जुड़ी है। पीड़िता KGMU से एमडी पैथोलॉजी की पढ़ाई कर रही है। 17 दिसंबर को उसने दवा की ओवरडोज लेकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 19 दिसंबर को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।

पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि KGMU में एमडी पैथोलॉजी कर रहे डॉ. रमीज ने उनकी बेटी को लव जिहाद में फंसाया और उस पर इस्लाम धर्म अपनाने व शादी करने का दबाव बनाया। आरोप है कि डॉ. रमीज पहले से शादीशुदा है और फरवरी में एक हिंदू लड़की का धर्मांतरण कराकर उससे शादी कर चुका है।

महिला आयोग और सीएम पोर्टल पर शिकायत

पीड़िता के पिता ने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल और राज्य महिला आयोग में की थी। इसके बाद 22 दिसंबर को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़िता के साथ प्रेस वार्ता कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। 24 दिसंबर को विशाखा समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद KGMU प्रशासन ने डॉ. रमीज को सस्पेंड कर दिया और परिसर में उसके प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

पुलिस अलर्ट, LIU भी सक्रिय

संभावित आंदोलन और चिकित्सा सेवाओं के बहिष्कार को देखते हुए KGMU परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है।

Story Loader