
4 फरवरी तक प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश, तापमान में उतार-चढ़ाव (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Western Disturbances to Bring Scattered Rain in UP Until 4 February: उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। उत्तरोत्तर सक्रिय हो रहे तीन पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 4 फरवरी तक छिटपुट से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव केवल वर्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तापमान, कोहरे और हवाओं की दिशा में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
मौसम विभाग के अनुसार इस समय उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर मध्य क्षोभमंडल में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है। इसके प्रभाव से दक्षिणी हरियाणा के आसपास निचले क्षोभमंडल में एक उत्प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण विकसित हुआ है। इसी संयुक्त प्रणाली के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीती रात से ही बादलों की आवाजाही तेज हुई और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रणाली धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़ रही है। आज देर रात से लेकर कल सुबह तक यह वर्षा पट्टी प्रदेश के मध्यवर्ती और उससे जुड़े पूर्वी हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया कि यह केवल एकल प्रणाली नहीं है। इसके बाद भी दो और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाले हैं, जो क्रमशः आने वाले दिनों में उत्तर भारत को प्रभावित करेंगे। इनकी वजह से 4 फरवरी तक रुक-रुक कर बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि, वर्षा का स्वरूप अधिकांश क्षेत्रों में हल्का रहने का अनुमान है, लेकिन कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ फुहारें भी पड़ सकती हैं।
बारिश से पहले प्रदेश घने कोहरे की चपेट में था। लेकिन पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से हवाओं की दिशा और गति में बदलाव आया है, जिससे वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ी है। इसका परिणाम यह हुआ कि कोहरे की घनी परत में कमी आई और दिन में धूप निकलने लगी। इसी बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ा। प्रदेश के पश्चिमी और मध्यवर्ती हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजधानी लखनऊ 24.1 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। यानी रातें पहले की तुलना में कम सर्द महसूस होंगी। इससे लोगों को कड़ाके की ठंड से अस्थायी राहत मिलेगी।
हालांकि यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। मौसम विभाग के अनुसार 4 फरवरी के बाद वर्षा का दौर थमने के साथ ही आसमान साफ होने लगेगा। साफ आसमान और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में फिर हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसका मतलब है कि ठंड पूरी तरह गई नहीं है, बल्कि कुछ दिन के उतार-चढ़ाव के बाद फिर हल्की सर्दी महसूस हो सकती है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह हल्की बारिश रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, खासकर गेहूं और सरसों की फसलों को नमी मिलेगी। हालांकि अधिक वर्षा या तेज हवाएं नहीं होने से फसलों को नुकसान की आशंका कम है। कोहरे में कमी आने से सड़क और हवाई यातायात को राहत मिली है। दृश्यता सुधरने के कारण वाहनों की आवाजाही सामान्य हो रही है। हालांकि बारिश के दौरान फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव से सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनने और भीगने से बचने की सलाह दी है।
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Published on:
02 Feb 2026 06:00 am

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