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लखनऊ, Jun 02, 2026

प्रतीक यादव की विरासत को आगे बढ़ाएगी बड़ी बेटी प्रथमा, बोली- पापा अब आपका अधूरा सपना मैं पूरा करूंगी

Prateek Yadav Daughter: लखनऊ में बीमार और घायल जानवरों के लिए अपर्णा यादव की बेटी प्रथमा यादव ने बड़ी अपील की है। पिता प्रतीक यादव के एनजीओ 'जीवाश्रय' को लेकर कही यह बात। जानें पूरी खबर...

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प्रतीक यादव की विरासत को आगे बढ़ाएगी बड़ी बेटी प्रथमा यादव | फोटो सोर्स- patrika.com

Prateek Yadav Daughter: अपर्णा यादव की बेटी प्रथमा यादव अपने स्वर्गीय पिता प्रतीक यादव के सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए आगे आई हैं। प्रथमा यादव ने लखनऊ के लोगों से बेजुबान और आवारा जानवरों की मदद के लिए एक बड़ी और भावुक अपील की है। उन्होंने कहा है कि लखनऊ में अगर किसी भी आवारा या बेजुबान जानवर को कोई तकलीफ हो, वह बीमार हो या चोटिल हो, तो लोग तुरंत उनके पिता के NGO 'जीवाश्रय फाउंडेशन' से संपर्क कर सकते हैं।

पिता प्रतीक यादव की विरासत को संभाल रहीं बड़ी बेटी प्रथमा

अपर्णा यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का कुछ समय पहले निधन हो गया था। प्रतीक यादव को जानवरों से बहुत लगाव था और उन्होंने लखनऊ में 'जीवाश्रय फाउंडेशन' की स्थापना की थी, जो लंबे समय से बीमार, दुर्घटना का शिकार और लावारिस पशुओं के इलाज का काम कर रहा है। अब उनकी बेटी प्रथमा यादव ने खुद सामने आकर इस जिम्मेदारी को संभाला है, जिसकी सोशल मीडिया पर लोग काफी तारीफ कर रहे हैं।

बेजुबानों को खाना खिलाते थे प्रतीक यादव

प्रथमा यादव ने अपने पिता की यादों को साझा करते हुए कहा कि लखनऊ में बड़े मंगल के मौके पर जहां लोग इंसानों को खाना खिलाते हैं और भंडारा करते हैं, वहीं मेरे पापा बेजुबान जानवरों को खाना खिलाया करते थे। यह उनका 108वां भंडारा है। उन्होंने आगे कहा कि उनके पापा का सपना था कि 'जीवाश्रय फाउंडेशन' को जितना आगे ले जाया जा सके, उतना आगे लेकर जाना है। प्रथमा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मैं भी यही कहूंगी कि हम सबको जानवरों की रक्षा करनी चाहिए और उनकी अच्छे से देखभाल करनी चाहिए।

'हर बीमार और घायल जानवर को मिलेगा नया जीवन'

प्रथमा यादव ने एक संदेश जारी कर जानवरों के प्रति अपना दर्द बयां किया है। प्रथमा यादव ने कहा कि लखनऊ में कोई भी जानवर हो, जिसे चोट लगी हो, जो बीमार हो या बेसहारा घूम रहा हो, आप तुरंत हमारे एनजीओ से संपर्क कर सकते हैं। हमारे यहां ऐसे सभी बेजुबानों की हर मुमकिन मदद की जाती है।

जीवाश्रय फाउंडेशन में खुशी-खुशी रहते हैं बेजुबान

अपने पिता के बनाए इस NGO के बारे में प्रथमा ने आगे बताया कि यहां आने वाले जानवरों को बहुत प्यार से रखा जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां जानवर बहुत खुश रहते हैं। इलाज के बाद जो जानवर ठीक हो जाते हैं, उन्हें सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया जाता है।

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