
White Rann of Kutch (photo- patrika)
White Rann of Kutch: गुजरात के पश्चिमी छोर पर स्थित कच्छ के बारे में एक कहावत बहुत मशहूर है "कच्छ नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा।" यह केवल एक कहावत नहीं, बल्कि एक अहसास है जो वहां जाने वाले हर पर्यटक के दिल में बस जाता है। हर साल आयोजित होने वाला 'रण उत्सव' इस सफेद रेगिस्तान को रंगों, उमंगों और संस्कृति के एक महाकुंभ में बदल देता है। इस उत्सव के दौरान बसाई गई 'टेंट सिटी' (Tent City) को देखकर ऐसा लगता है मानो हम किसी सपनों की नगरी में आ गए हों।
रण उत्सव का सबसे अद्भुत नजारा पूर्णिमा की रात को देखने को मिलता है। मीलों दूर तक फैला सफेद नमक का रेगिस्तान जब चांद की दूधिया रोशनी में नहाता है, तो वह चांदी जैसा चमकने लगता है। दिन में सुनहरी धूप में दमकता यह मैदान रात में तारों भरे आसमान के नीचे एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराता है। पर्यटक यहाँ ऊंट की सवारी और पैरामोटरिंग का आनंद लेते हैं। टेंट सिटी में बना 'रण के रंग' का मंच शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुलजार हो जाता है, जहाँ देश भर के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं।
सखी क्राफ्ट बाजार इस चकाचौंध के बीच, रण उत्सव की एक सबसे खास और दिल को छू लेने वाली पहल है 'सखी क्राफ्ट बाजार'। यह केवल खरीदारी की जगह नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक जीता-जागती तस्वीर है। यह बाजार पूरी तरह से महिलाओं द्वारा, महिलाओं के लिए बनाया गया है। यहां के स्टॉल लगाने वाली महिलाओं के जीवन में इससे बड़ा बदलाव आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, महज 31 दिनों के भीतर यहां चार लाख से अधिक लोग पहुंचे और तीन करोड़ रुपये से ज्यादा का सामान बिका। यह आंकड़ा बताता है कि कैसे पर्यटन स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दे रहा है।
कच्छ का अनुभव सिर्फ रण तक सीमित नहीं है। अगर आप यहां आए हैं, तो भुज के पास स्थित 'भुजोड़ी' गांव जाना न भूलें। इसे बुनकरों का गांव कहा जाता है, जहां 300 से अधिक कारीगर कपड़ा और हस्तशिल्प बनाने में माहिर हैं। इसके अलावा, 'स्मृति वन' एक ऐसा स्मारक है जिसे यूनेस्को के मशहूर 'प्रिक्स वर्सेल्स अवार्ड' के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है, जो इसे भारत का पहला ऐसा म्यूजियम बनाता है। इतिहास के शौकीनों के लिए हड़प्पा कालीन शहर 'धोलावीरा' और प्रकृति प्रेमियों के लिए मांडवी का समुद्र तट किसी जन्नत से कम नहीं है। समुद्र के बीच से गुजरती 'रोड टू हेवन' पर ड्राइव करना अपने आप में एक रोमांचक अनुभव है।
गुजरात सरकार और मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल के नेतृत्व में पर्यटन को जो बढ़ावा मिला है, उसका असर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले साल की तुलना में क्रिसमस वीक के दौरान पर्यटकों की संख्या में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। विदेशी पर्यटकों की बढ़ती रुचि और आधुनिक सुविधाओं ने कच्छ को एक 'हॉट फेवरेट हॉलिडे डेस्टिनेशन' बना दिया है।
Updated on:
10 Jan 2026 03:48 pm
Published on:
10 Jan 2026 03:47 pm
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