जयपुर, Mar 18, 2026

हिंदू नववर्ष 2083 की प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI
Hindu Nav Varsh 2026 : हिंदू नववर्ष 19 मार्च से शुरू है। नए साल का जश्न नए तरीके से मनाया जाता है। पर, हिंदू नूतन वर्ष को पौराणिक तरीके से मनाया जाता है। इसमें खाई जाने वाली चीजें भी पुरानी वैज्ञानिक और आयुर्वेद पर आधारित हैं। अगर चैत्र मास के साथ इन चीजों को नियमित खाते हैं तो आप खुद को बीमारी से दूर रख सकते हैं। वैद्यारत्नम डॉ. राकेश अग्रवाल और आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अर्जुन राज ने इस बात को समझाया है कि भारतीय नववर्ष पर इन चीजों को खाने से क्या फायदा मिलता है।
डॉ. राज ने कहा कि चैत्र का महीना ऋतु परिवर्तन का समय होता है, जब सर्दियां खत्म हो रही होती हैं और गर्मियां शुरू होती हैं। चैत्र के महीने में शरीर में 'पित्त' और 'कफ' का संतुलन बिगड़ता है। इसलिए, आयुर्वेद के हिसाब से इस खास मौके पर कुछ चीजों को खाया जाता है।
डॉ. अग्रवाल कहते हैं, दक्षिण भारत में (उगादि के समय) 'उगादि पचड़ी' या नीम-गुड़ का मिश्रण खाने की परंपरा है। इसमें छह स्वाद होते हैं (मीठा, कड़वा, खट्टा, तीखा, नमकीन और कसैला)। इसके पीछे का आयुर्वेदिक तर्क है कि चैत्र के महीने में शरीर में 'पित्त' और 'कफ' का असंतुलन होता है। ऐसे में नीम रक्त को शुद्ध (Blood Purifier) करता है और त्वचा रोगों से बचाता है। वहीं, गुड़ शरीर को ऊर्जा देता है और पाचन तंत्र को साफ करता है।
आयुर्वेद के ग्रंथ चरक संहिता में ऋतुचर्या और अष्टांग हृदयम के अंतर्गत इस समय कड़वी वस्तुओं के सेवन पर जोर दिया गया है। अगर आप इसके साथ नए साल की शुरुआत करते हैं तो आप खुद को हेल्दी रख सकते हैं।
वहीं, ये मिश्रण हमें दार्शनिक संदेश भी देता है। ये सिखाता है कि नया साल सुख (गुड़) और दुख (नीम) दोनों का मेल होगा और हमें दोनों को समान भाव से स्वीकार करना चाहिए।
डॉ. राज ने बताया कि हिंदू नववर्ष के साथ ही चैत्र नवरात्रि के उपवास शुरू हो जाते हैं। ये सिर्फ भक्ति का नहीं बल्कि स्वास्थ्य के उद्देश्य से भी है। अगर आप ऐसा करते हैं तो निम्नलिखित लाभ मिलते हैं-
नववर्ष पर मिट्टी के नए घड़े में पानी भरने और उसमें खुशबूदार जड़ें या तुलसी डालने की परंपरा भी है। चैत्र से 'वरुण देव' की उपासना बढ़ जाती है क्योंकि शरीर को हाइड्रेशन की जरूरत होती है। पुराने समय में नववर्ष पर 'पनकम' (गुड़ और सोंठ का शरबत) बांटना इसीलिए अनिवार्य था ताकि लू और गर्मी से बचा जा सके।
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Updated on: 19 Mar 2026 09:07 am


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