
WhisperPair Attack Bluetooth Headphones (Image: Gemini)
WhisperPair Attack Bluetooth Headphones: तकनीक जितनी हमारी जिंदगी को आसान बना रही है, उतनी ही बारीक चुनौतियां भी खड़ी कर रही है। कल तक हम सिर्फ फोन हैक होने से डरते थे, लेकिन अब आपके कान में लगे वायरलेस ईयरबड्स और हेडफोन्स भी सुरक्षित नहीं रहे। हाल ही में साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने एक ऐसी कमजोरी ढूंढ निकाली है, जो लाखों लोगों की प्राइवेसी को दांव पर लगा सकती है।
इस नए खतरे को WhisperPair अटैक नाम दिया गया है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इसकी जद में कोई छोटे-मोटे ब्रैंड्स नहीं, बल्कि OnePlus, Sony, JBL, Xiaomi, Nothing और Marshall जैसी दिग्गज कंपनियों के हेडफोन्स आ सकते हैं। यानी अगर आप भी इन ब्रैंड्स के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़े अलर्ट की तरह है।
बेल्जियम की केयू ल्यूवेन यूनिवर्सिटी (KU Leuven University) के रिसर्चर्स ने इस खतरे की पुष्टि की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आप सड़क पर चल रहे हों या मेट्रो में म्यूजिक सुन रहे हों, कोई भी हैकर करीब 50 फीट की दूरी से आपके डिवाइस में सेंध लगा सकता है। डराने वाली बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में 15 सेकंड से भी कम वक्त लगता है।
एक बार हैकर ने आपके डिवाइस को हाईजैक कर लिया, तो वह उस हेडफोन का एक तरह से मालिक बन जाता है। वह न केवल आपका म्यूजिक बंद कर सकता है, बल्कि आपके हेडफोन के माइक्रोफोन को चुपचाप ऑन करके आपके आसपास की सारी बातें सुन सकता है। इतना ही नहीं, आपकी लोकेशन ट्रैक करना और आपके कानों में अपनी पसंद के ऑडियो क्लिप्स प्ले करना भी उसके लिए आसान हो जाता है।
हैरानी की बात यह है कि हैकर्स ने गूगल के फास्ट पेयर (Fast Pair) फीचर को ही अपना हथियार बना लिया है। यह फीचर इसलिए बनाया गया था ताकि आप अपने ब्लूटूथ डिवाइस को एंड्रॉइड फोन से जल्दी कनेक्ट कर सकें, लेकिन अब यही सुविधा हैकर्स के लिए 'चोर दरवाजा' बन गई है। रिसर्च के मुताबिक, सिर्फ एंड्रॉइड ही नहीं, बल्कि आईफोन यूजर्स पर भी इसका खतरा बना हुआ है।
खतरा बड़ा जरूर है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी आपको इस डिजिटल जासूसी से बचा सकती है।
ब्लूटूथ पर रखें कंट्रोल: जब जरूरत न हो, तो फोन का ब्लूटूथ बंद कर दें। हमेशा ऑन रखने की आदत हैकर्स को न्योता देने जैसा है।
अनजान रिक्वेस्ट को कहें ना: अगर फोन पर अचानक किसी अनजान डिवाइस से कनेक्ट होने का मैसेज आए, तो उसे तुरंत रिजेक्ट करें।
अपडेट रहें: कंपनियां अक्सर ऐसे खतरों से निपटने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट (Firmware) जारी करती हैं। अपने हेडफोन्स के ऐप पर जाकर चेक करें कि कोई नया अपडेट तो नहीं आया है।
भीड़ में सावधानी: पब्लिक प्लेस पर नए हेडफोन्स की पेयरिंग करने से बचें।
डिजिटल दुनिया में हमारी प्राइवेसी अब सिर्फ एक पासवर्ड तक सीमित नहीं रही। अब वक्त आ गया है कि हम अपने छोटे से छोटे गैजेट्स की सुरक्षा को लेकर भी उतने ही गंभीर रहें जितने अपने बैंक अकाउंट को लेकर रहते हैं।
Published on:
22 Jan 2026 12:14 pm
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