
WhatsApp Kids Safety Feature (Image: Freepik)
WhatsApp Kids Safety Feature: आज के दौर में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां बच्चों के हाथ में मोबाइल न हो। लेकिन मोबाइल के साथ-साथ इंटरनेट की दुनिया के खतरे भी बच्चों के करीब पहुंच गए हैं। अक्सर माता-पिता इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि कहीं कोई अजनबी उनके बच्चे को मैसेज न कर दे या उनका बच्चा किसी गलत लिंक पर क्लिक न कर दे। इसी चिंता को दूर करने के लिए व्हाट्सऐप अब एक ऐसा समाधान लेकर आ रहा है।
व्हाट्सऐप एक नए पैरेंटल कंट्रोल फीचर पर काम कर रहा है, जिसे प्राइमरी कंट्रोल कहा जा रहा है। इसका सीधा सा मतलब ये है कि अब आप अपने व्हाट्सऐप अकाउंट को अपने बच्चे के अकाउंट से एक डिजिटल लिंक के जरिए जोड़ सकेंगे। जैसे ही ये दोनों अकाउंट जुड़ेंगे, बच्चे के व्हाट्सऐप की प्राइवेसी सेटिंग्स की चाबी मां-बाप के हाथ में आ जाएगी।
WABetaInfo की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों के लिए बनाए गए ये सेकेंडरी अकाउंट कुछ पाबंदियों के साथ आएंगे। सबसे बड़ी राहत की बात ये है कि इसमें मैसेज और कॉल की सुविधा केवल उन्हीं लोगों तक सीमित होगी, जो बच्चे की कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल हैं। यानी अब कोई भी अनजान शख्स आपके बच्चे को न तो कॉल कर पाएगा और न ही मैसेज भेजकर परेशान कर सकेगा।
ये सवाल उठना लाजमी है कि क्या इस फीचर के आने के बाद बच्चों की प्राइवेसी खत्म हो जाएगी? तो इसका जवाब है नहीं। व्हाट्सऐप ने सुरक्षा और प्राइवेसी के बीच एक बारीक लकीर खींची है। माता-पिता को इस बात की रिपोर्ट तो मिलेगी कि बच्चा ऐप का इस्तेमाल कैसे कर रहा है, लेकिन वे उनकी पर्सनल चैट या कॉल को एक्सेस नहीं कर पाएंगे। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की वजह से बच्चों के मैसेज पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। यानी आप उनकी जासूसी नहीं करेंगे, बल्कि सिर्फ उनकी ऑनलाइन सुरक्षा की पहरेदारी करेंगे।
फिलहाल चल रही है टेस्टिंग अभी यह फीचर पूरी तरह से लॉन्च नहीं हुआ है। व्हाट्सऐप इसकी बारीकी से टेस्टिंग कर रहा है ताकि जब ये आम यूजर्स के पास पहुंचे, तो इसका इंटरफेस इस्तेमाल करने में आसान और सुरक्षित हो। कंपनी ये सुनिश्चित करना चाहती है कि माता-पिता बिना किसी तकनीकी झंझट के अपने बच्चों के लिए सही प्राइवेसी सेटिंग्स चुन सकें।
कुल मिलाकर, व्हाट्सऐप का यह कदम उन अभिभावकों के लिए बड़ी राहत लेकर आने वाला है जो अपने बच्चों को डिजिटल दुनिया की आजादी तो देना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा के साथ। जैसे ही यह फीचर रोलआउट होगा, आप यह तय कर पाएंगे कि आपके बच्चे का डिजिटल अनुभव कितना सुरक्षित और मर्यादित रहे।
Published on:
22 Jan 2026 11:07 am
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