
Inactive PAN Card Penalty (Image: Gemini)
Inactive PAN Card Penalty: यह खबर आपके काम की है, क्योंकि आपकी एक छोटी-सी लापरवाही आपके बैंक बैलेंस को बिगाड़ सकती है। आजकल हम हर चीज का स्टेटस चेक करते हैं, चाहे वो ऑनलाइन ऑर्डर हो या व्हाट्सएप का लास्ट सीन। लेकिन क्या आपने कभी अपने PAN कार्ड का स्टेटस चेक किया है?
अगर आपका पैन कार्ड इनएक्टिव यानी तकनीकी भाषा में कहें तो ‘डेड’ हो चुका है, तो आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। इसमें न सिर्फ आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि कुछ मामलों में कानूनी पचड़े भी बढ़ सकते हैं।
कई लोगों को लगता है कि कार्ड तो उनके पास है, इसलिए काम करता रहेगा। लेकिन हकीकत यह है कि डिजिटल सिस्टम में ऐसा PAN वैध नहीं माना जाता, भले ही कार्ड फिजिकली आपके पास मौजूद हो।
अब बात करते हैं उस खतरे की, जो आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकता है। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 272B के तहत, अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत PAN नंबर का इस्तेमाल करता है या नियमों के बावजूद इनएक्टिव PAN का उपयोग करता पाया जाता है - जैसे बैंक में बड़े लेन-देन, 50 हजार रुपये से ज्यादा कैश डिपॉजिट या प्रॉपर्टी डील के दौरान तो उस पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा, अगर जांच में यह सामने आता है कि PAN का इस्तेमाल टैक्स चोरी, फर्जी लेन-देन या धोखाधड़ी के इरादे से किया गया, तो मामला सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं रहता। ऐसे गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है, जिसमें सजा का प्रावधान मौजूद है।
हालांकि, यह साफ करना जरूरी है कि जेल की कार्रवाई बहुत ही गंभीर और साबित किए गए मामलों में ही होती है, लेकिन नियमों के उल्लंघन पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगना पूरी तरह संभव है।
अगर आपका PAN कार्ड इनएक्टिव है, तो समझिए आपके ये जरूरी काम अटक सकते हैं।
घबराने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे ही अपने PAN का स्टेटस चेक कर सकते हैं।
अगर स्क्रीन पर “PAN is Active and details are as per PAN” लिखा आए, तो सब ठीक है। अगर ‘Inactive’ लिखा आए, तो समझ लीजिए कि कार्रवाई जरूरी है।
अगर आपने PAN-Aadhaar लिंकिंग समय पर नहीं की थी और आपका PAN इनएक्टिव हो गया है, तो उसे दोबारा एक्टिव कराने के लिए 1,000 रुपये तक की लेट फीस चुकानी पड़ सकती है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह राशि अपने-आप आपके बैंक खाते से नहीं काटी जाती। यह फीस PAN को फिर से एक्टिव कराने या Aadhaar से लिंक करने की प्रक्रिया के दौरान, पोर्टल पर खुद भुगतान करनी होती है।
यानी यह कोई अलग से लगाया गया टैक्स नहीं, बल्कि PAN को फिर से वैध बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
Updated on:
14 Jan 2026 01:20 pm
Published on:
14 Jan 2026 01:19 pm
बड़ी खबरें
View Allटेक्नोलॉजी
ट्रेंडिंग
