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राजस्थान से बड़ी खबर: 25 पैसे के इनामी बदमाश को मारी गोली, पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहा था हिस्ट्रीशीटर

कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने आदिल पर 25 पैसे का इनाम घोषित कर रखा था।

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कोटा सिटी पुलिस के दो मामलों में फरार चल रहा कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा कोटा ग्रामीण पुलिस से मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस ने आदिल को उसके तीन साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान आदिल के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए रविवार शाम को कोटा लाया गया। फिलहाल उसे एमबीएस अस्पताल में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच भर्ती कराया गया है। कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने आदिल पर 25 पैसे का इनाम घोषित कर रखा है, जबकि कोटा सिटी पुलिस की ओर से उस पर 10 हजार रुपए का इनाम है।

कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आदिल मिर्जा, फैजल, फय्युम और अल्फेज शामिल हैं, जो सभी मोडक क्षेत्र के रहने वाले हैं। वहीं, कोटा शहर के सूरजपोल निवासी शरीफ मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। आरोपियों के पास से 12 बोर का देसी कट्टा, दो नाली, दो अन्य देसी कट्टे, एक पिस्टल, तीन मैगजीन के साथ 16 जिंदा कारतूस, एक चाकू और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी जब्त की गई है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा ने बताया कि आदिल ने सांगोद क्षेत्र में कोटा सिटी पुलिस पर फायरिंग की थी। इसके बाद वह फरार हो गया। सूचना मिली कि आदिल मोडक में चौसला ब्रिज के पास छिपा हुआ है। सांगोद थाना अधिकारी अनिल कुमार सहित पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आदिल ने पुलिस पर एक फायर किया। जवाबी कार्रवाई में एसएचओ की गोली आदिल के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। भाग रहे अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने दबोच लिया, जिन्हें गिरने से चोटें आईं।

लंबा आपराधिक रिकॉर्ड

एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि 45 वर्षीय आदिल मिर्जा के खिलाफ पहला मुकदमा 1996 में दर्ज हुआ था, जब वह नाबालिग था। वर्ष 2020 तक उसके खिलाफ 30 मामले दर्ज हो चुके थे। बीते एक महीने में ही चार नए केस दर्ज हुए हैं। फिलहाल आदिल पर फायरिंग, जानलेवा हमला, एससी-एसटी एक्ट, आर्म्स एक्ट, महामारी अधिनियम सहित कुल 34 मुकदमे दर्ज हैं। उसके साथी फैजल पर चार और फय्युम पर दो केस दर्ज हैं।

मददगारों पर भी कार्रवाई की जाएगी

एसपी ने बताया कि फरारी के दौरान आदिल को शरण देने और मदद करने वालों की पहचान की जा रही है। जहां से उसे पकड़ा गया, वहां सहयोग करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।