
Thai Mangur fish (Photo Source- Wikipedia)
बैकुंठपुर। अंबिकापुर-मनेंद्रगढ एनएच 43 पर कोरिया जिले के ग्राम रनई में सोमवार की रात एक ट्रक में अचानक आग लग गई। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। यह देख आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि ट्रक में मछलियां भरी पड़ी थी। मछलियों की पहचान थाई मांगुर मछली (Banned Thai Mangur fish) के रूप में की गई। इससे प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की तस्करी का मामला उजागर हुआ। बताया जा रहा है कि थाई मांगुर मछली का पालन प्रतिबंधित है। मंगलवार को मत्स्य विभाग ने मछलियों को गड्ढे में दफनाकर नष्ट कर दिया।
मछलियों से भरा ट्रक क्रमांक एमएच 40 सीटी 1163 अंबिकापुर की ओर से आ रहा था। इसी बीच सोमवार की रात करीब 1 बजे ग्राम रनई में ट्रक में अचानक आग लग गई। इससे अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। मामले की सूचना पर आसपास के लोग पहुंच गए। आनन-फानन में कुछ मछली (Banned Thai Mangur fish) को नीचे उतारा गया।
मौके पर ऐसी चर्चा होती रही कि मछली प्रतिबंधित है, लेकिन ट्रक से उसका परिवहन किया जा रहा है। हादसे के बाद मंगलवार को मत्स्य पालन विभाग की मौजूदगी में जमीन में गड्ढे खुदवाकर मछलियों (Banned Thai Mangur fish) को दफनाया गया। इसकी कीमत 4.62 लाख थी। ट्रांसपोर्टर के मुताबिक मछली का बीज परिवहन कर रहे थे। लेकिन मछली का वजन आधा किलो से 4 किलो तक होने की बात कही जा रही है।
जानकारों का कहना है कि भारत में थाई मांगुर नामक मछली (Banned Thai Mangur fish) के पालन पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने वर्ष 2000 में प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि यह मांसाहारी मछली है।
मछली प्रजातियों की संख्या में कमी के लिए थाई मांगुर मछली जिम्मेदार है। इससे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि थाई मांगुर मछली के पालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
Updated on:
10 Feb 2026 08:44 pm
Published on:
10 Feb 2026 08:43 pm
