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CG News: कुसमुंडा खदान में भीषण हादसा, हाईड्रोलिक सिलेंडर फटा, ऑपरेटर की मौत 2 अन्य घायल

CG News: मशीन की मरम्मत के दौरान हाईड्रोलिक सिलेंडर फटने से नीलकंठ ठेका कंपनी में कार्यरत मशीन ऑपरेटर की मौके पर ही मौत हो गई।

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कोरबा

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Love Sonkar

Jan 16, 2026

कोयला उत्पादन की रफ्तार धीमी! SECL तकनीकी निदेशक ने किया निरीक्षण, लक्ष्य से पीछे चल रहे हैं खदान...(photo-patrika)

कोयला उत्पादन की रफ्तार धीमी! SECL तकनीकी निदेशक ने किया निरीक्षण, लक्ष्य से पीछे चल रहे हैं खदान...(photo-patrika)

CG News: कोरबा में एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में एक दर्दनाक हादसे में ठेका कंपनी के श्रमिक की मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि खदान क्षेत्र में ब्रेकडाउन मशीन की मरम्मत के दौरान हाईड्रोलिक सिलेंडर फटने से नीलकंठ ठेका कंपनी में कार्यरत मशीन ऑपरेटर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद एक बार फिर एसईसीएल की खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के मुताबिक घटना कुसमुंडा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि कुसमुंडा परियोजना में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान संजय देवांगन के रूप में हुई है। संजय मूलतः बलरामपुर जिले का निवासी था और वर्तमान में कुसमुंडा खदान में नीलकंठ कंपनी के अंतर्गत मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था।बताया जा रहा है कि संबंधित मशीन में तकनीकी खराबी आने के बाद उसका मरम्मत कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक हाईड्रोलिक सिलेंडर में तेज दबाव बनने से जोरदार विस्फोट हुआ।

जिसकी चपेट में आकर संजय गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं इस घटना में दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए है। जिन्हे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही एसईसीएल प्रबंधन, पुलिस और ठेका कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

कुसमुंडा खदान में हुए इस हादसे को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है।वहीं इस हादसे के बाद खदान में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। भारी मशीनों की मरम्मत के दौरान अक्सर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन नहीं किया जाता। जिसके कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार आती हैं।

फिलहाल पुलिस ने इस घटना पर मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। वहीं एसईसीएल प्रबंधन द्वारा हादसे के कारणों की आंतरिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। कुसमुंडा खदान में हुए इस हादसे ने एक बार फिर कोयला खदानों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था और ठेका कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।