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Yogita Mandavi National Award: नक्सल प्रभावित बस्तर की बेटी योगिता बनी राष्ट्रीय गौरव, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

Yogita Mandavi National Award: नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिससे बस्तर और छत्तीसगढ़ का मान बढ़ा है

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बस्तर का मान बनीं योगिता (photo source- Patrika)

बस्तर का मान बनीं योगिता (photo source- Patrika)

Yogita Mandavi National Award: कोंडागांव जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र फरसगांव विकासखण्ड के ग्राम हिर्री से निकलकर कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए बालिका योगिता मण्डावी ने जूडो खेल में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी इस असाधारण उपलब्धि के लिए नई दिल्ली में आयोजित समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

योगिता की इस सफलता पर कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कम उम्र में योगिता ने उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल कर जिले और राज्य का मान बढ़ाया है। उन्होंने योगिता के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

Yogita Mandavi National Award: संघर्षों से भरा बचपन, हौसले से भरी उड़ान

योगिता मण्डावी का जीवन बचपन से ही संघर्षों से भरा रहा है। उनका जन्म 1 जनवरी 2011 को छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के ग्राम हिर्री में हुआ। दुर्भाग्यवश, मात्र चार वर्ष की उम्र में उनके पिता स्व. मायाराम मण्डावी और माता स्व. सुकमती मण्डावी का निधन हो गया, जिससे वे अनाथ हो गईं।

इसके पश्चात वे अपने चाचा-चाची के संरक्षण में रहीं। देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 25 जनवरी 2021 को जिला प्रशासन द्वारा उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के बालगृह बालिका, कोंडागांव में प्रवेश दिलाया गया। वर्तमान में योगिता स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, तहसीलपारा कोंडागांव में कक्षा 9वीं की छात्रा हैं।

एक साल में ही राज्य स्तर पर पदक

योगिता ने पहले ही वर्ष में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वर्ष 2024 में दुर्ग में राज्य स्तरीय शालेय जूडो में उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। खेलो इंडिया क्षेत्रीय जूडो प्रतियोगिता 2024 (नासिक) में रजत पदक तथा खेलो इंडिया राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता 2024 (केरल) में भी रजत पदक, वर्ष 2025 में राज्य स्तरीय ओपन जूडो एवं राज्य स्तरीय शालेय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, राष्ट्रीय ओपन जूडो प्रतियोगिता 2025 (हैदराबाद) में कांस्य पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया।

10 वर्ष की उम्र में चुना जूडो

Yogita Mandavi National Award: बालगृह में आने के बाद योगिता के जीवन को नई दिशा मिली। मात्र 10 वर्ष की आयु में उन्होंने जूडो खेल को अपनाया और कड़ी मेहनत, अनुशासन तथा निरंतर अभ्यास के बल पर कम समय में ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। वर्तमान में मात्र 14 वर्ष की आयु में योगिता मण्डावी एक राष्ट्रीय स्तर की जूडो खिलाड़ी हैं और स्पोट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, भोपाल में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। योगिता की सफलता न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।