
खंडवा. नर्मदा जयंती के लिए लगाया जा रहा केवलराम घाट पर मंच।
पत्रिका अभियान : मैला न हो मां नर्मदा का आंचल…
-नर्मदा जयंती के उत्सव के बीच गंदे नालों की कड़वी सच्चाई
ओंकारेश्वर में नर्मदा जयंती का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन जिस स्थान पर नर्मदा युवा संगठन का मंच सजा है, उसके ठीक पीछे नर्मदा में नालों का गंदा पानी लगातार मिल रहा है। श्रद्धा और आस्था के इस पर्व के बीच यह दृश्य कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नर्मदा जयंती मनाने और नियमित रूप से मां नर्मदा की सफाई करने में जमीन-आसमान का अंतर है।
नर्मदा जयंती को लेकर ओंकारेश्वर में जयंती महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। नर्मदा जयंती 25 जनवरी को मनाई जाएगी। इस दिन घाटों पर पूजा-पाठ, दीपदान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। तीर्थनगरी में मां नर्मदा के मैले होते आंचल को लेकर प्रशासन और नगर परिषद जरा भी गंभीर नहीं दिख रही है। गंदे नालों का पानी बिना ट्रीटमेंट के सीधे नदी में गिर रहा हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जहां मां नर्मदा की आरती, अभिषेक, दीपदान होना है, उस केवलराम घाट पर महोत्सव के लिए बन रहे मंच के ठीक पीछे नर्मदाजी में गंदे नाले का पानी मिल रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि केवल एक दिन उत्सव मना लेने से मां नर्मदा स्वच्छ नहीं हो सकतीं, इसके लिए सालभर ईमानदार प्रयास जरूरी हैं।
स्थानीय रहवासी ने उठाए सवाल
मां नर्मदा को आराध्य मानने वाले स्थानीय रहवासी पं. ललित दुबे ने इस आयोजन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए है। पं. दुबे ने बताया कि जिस स्थान पर नर्मदा जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, उसके पीछे गंदा पानी नर्मदा में मिल रहा है। नर्मदा युवा संगठन द्वारा यहां पं. ललित दुबे ने बताया कि ओंकारेश्वर में कई एनजीओ भी नर्मदा स्वच्छता के नाम पर सक्रिय है, पर समय समय पर कार्य करते है। सभी को चाहिए कि मां नर्मदा में गंदे पानी को मिलने से रोकने के लिए ठोस प्रयास करें।
एमपीयूडीसी को कराएंगे अवगत
सीवरेज और नालों के गंंदे पानी का ट्रिटमेंट करने का काम एमपीयूडीसी (मप्र अर्बन डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन) के पास है। हम इस संबंध में एमपीयूडीसी को अवगत कराएंगे। नए एसटीपी लगाना भी उन्हीं की जिम्मेदारी है।
मोनिका पारधी, सीएमओओंकारेश्वर
Updated on:
20 Jan 2026 12:23 pm
Published on:
20 Jan 2026 12:22 pm
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