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केंद्रीय बजट-2026 : कृषि आधारित बजट से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यथा, आत्मनिर्भर होंगे अन्नदाता

पत्रिका टॉक-शोक में किसान प्रतिनिधि ने कहा, कृषि यंत्र, खाद-बीज, सिंचाई, बिजली में मिले सहूलयित, खाते में सब्सिडी जारी हो, आधुनिक सहूलियत मिलने से नई पीढ़ी खेती अपनाएगी, किसान प्रतिनिधियों ने बजट को लेकर रखी आपी राय

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खंडवा

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Rajesh Patel

Jan 24, 2026

Union Budget-2026:

पत्रिका टॉक-शो : किसान प्रतिनिधियों ने बजट पर रखे अपने विचार

पत्रिका टॉक-शोक में किसान प्रतिनिधि ने कहा, कृषि यंत्र, खाद-बीज, सिंचाई, बिजली में मिले सहूलयित, खाते में सब्सिडी जारी हो, आधुनिक सहूलियत मिलने से नई पीढ़ी खेती अपनाएगी, किसान प्रतिनिधियों ने बजट को लेकर रखी आपी राय

ड्रोन और स्मार्ट खेती को बजट में शामिल किया जाए

केंद्रीय बजट कृषि आधारित होना चाहिए। इससे हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और अन्नदाता आत्मनिर्भर बनेगा। यह बातें शनिवार को पुरानी मंडी परिसर में आयोजित पत्रिका टॉक-शो में किसान प्रतिनिधियों ने कहा। किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि तकनीकी खेती में ड्रोन और स्मार्ट खेती को बजट में शामिल किया जाए। जिससे हमारी नई पीढ़ी खेती को अपनाए। कृषि बजट को 10 फीसदी से बढ़ाकर 20-25 फीसदी किया जाए। इससे हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। एक फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट को लेकर किसानों की कुछ ऐसी ही उम्मीद है। पत्रिका टॉक-शो में किसानों ने केंद्रीय बजट में खुलकर अपने विचार रखे और सुझाव दिए।


किसान प्रतिनिधियों ने रखे ये विचार
24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए

बिजली खर्च कम करने सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिले।
फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित हो।

सिंचाई के साधन बढ़ाने
फसल बीमा का वास्तविक लाभ दिया जाए।

जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जाए।
कृषि शिक्षा और प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाए।

ड्रोन और स्मार्ट खेती को बजट में शामिल किया जाए ।
किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाई जाए।

खाद, बीज की सब्सिडी बढ़ाई जाए।

किसान प्रतिनिधि बोले...

नरेंद्र पटेल, प्रदेश अध्यक्ष, संयुक्त कृषक संगठन... प्रदेश में खेती के अनुपात के आधार पर बजट को निर्धारित करना चाहिए। ताकि खेती को लाभ का धंधा बनाया जा सके। अभी कृषि को सिर्फ 10 प्रतिशत बजट मिलता हैै। इसे बढ़ाकर 25 फीसदी करना होगा। इससे कृषि आधारित उद्योग लगेंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
रघुवीर मंडलोई, खंडवा, तहसील अध्यक्ष... कृषि योजनाओं का सीधे फायदा किसानों तक नहीं पहुंचता है। सब्सिडी का फायदा बाजार में बिचौलियों को मिल रहा है। जैसे ड्रिप पाइप किसानों को बाजार में 250 रुपए किलो मिलती है। वही ड्रिप सब्सिडी में 400 के भाव बेची जा रही है। इसमें बिचौलियों को फायदा हैै। ऐसे में सब्सिडी किसानों के खाते में जानी चाहिए।
रवींद्र पाटीदार, किसान नेता... कृषि यंत्र, कृषि आधारित मशीनों पर सब्सिडी बढ़ाई जाए। खाद के साथ अब बीज पर भी सब्सिडी मिली चाहिए। किसानों के उत्पादन के भाव से तीन से चार गुना कीमत पर बीज मिल रही है। सब्सिडी किसानों के खाते में भेजी जाए।
शशि मिश्रा, किसान नेता... बजट में लघु सीमांत किसानों को भी सब्सिडी वाली योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। कई ऐसे योजनाएं हैं जो छोटे-छोटे किसानों को नहीं मिलती है। बजट में सब्सिडी वाली योजनाओं को बढ़ाया जाए। इसमें लघु सीमांत किसानों का भी सहूलियत दी जाए।
आशीष बरोले, इंदौर संभाग संयोजक...किसानों को उपज का उचित मूल्य मिले। सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही किसान सम्मान निधि बढ़ाई जानी चाहिए। इसमें उन किसानों का भी शामिल किया जाए जो भूमि को क्रय कर रहे हैं।
राजेंद्र प्रजापति, नगर अध्यक्ष... गौवंश, भैंसवंश के पालन को बढ़ावा दिए जाने के लिए बजट में शामिल किया जाना चाहिए। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा। और प्राकृतिक खेती को बल मिलेगा। रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।